सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा को जमीन देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला गलत : SC

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा को जमीन देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला गलत था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि पर फैसला सुनाया था।

Avatar Written by: November 9, 2019 1:53 pm

सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या मामले में फैसला आ गया है। कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज कर दिया है। अयोध्या मामले में पांच जजों की संवैधानिक बेंच फैसला सुना रही है। इसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस रंजन गोगोई कर रहे हैं। इस बेंच में जस्टिस एसए बोबडे जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और डीवाई चंद्रचूड़ शामिल हैं।

Supreme Court 5 Judge Banch

अयोध्या मामले में निर्मोही अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट अक्टूबर में दस्तावेज सौंपे थे। निर्मोही अखाड़े की लिखित दलील में कहा था कि विवादित भूमि का आंतरिक और बाहरी अहाता भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में मान्य है। हम रामलला के सेवायत हैं। ये हमारे अधिकार में सदियों से रहा है।

ranjan gogoi supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा को जमीन देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला गलत था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि पर फैसला सुनाया था।