सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, विधानसभा क्षेत्र के 1 नहीं 5 बूथों पर हो EVM-VVPAT का मिलान

21 विपक्षी पार्टियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा इस याचिका को लंबित नही रख सकते क्योंकि 11 अप्रैल से मतदान शुरू हो रहा है। दरसअल एक वकील ने सुनवाई के दौरान मांग की थी कि इस याचिका को लंबित रखा जाए।

Written by: April 8, 2019 2:53 pm

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें, कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ा दिया है। शीर्ष कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में एक बूथ से बढ़ाकर पांच बूथों की वीवीपैट पर्चियों की औचक जांच का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि वह मतदाताओं के विश्वास और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को ध्यान में रखकर वीवीपैट पर्चियों की जांच वाले नमूने बढ़ा रहा है।

21 विपक्षी पार्टियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा इस याचिका को लंबित नही रख सकते क्योंकि 11 अप्रैल से मतदान शुरू हो रहा है। दरसअल एक वकील ने सुनवाई के दौरान मांग की थी कि इस याचिका को लंबित रखा जाए। लोकसभा चुनाव में EVM से VVPAT के 50 फीसदी मिलान को लेकर 21 विपक्षी पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

वहीं चुनाव आयोग ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सिर आंखों पर है। आयोग ईवीएम में डाले गए वोट और वीवीपैट की पर्चियों के मिलान को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का जल्द से जल्द अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि इसके लिए संसाधनों की समस्या क्यों होनी चाहिए? यह मामला चुनाव प्रणाली में विश्वास को लेकर है। चुनाव आयोग के पास ईवीएम के साथ VVPATs को गिनने और मिलान करने के लिए अधिक लोग होने चाहिए। ये व्यवस्था देश भर के 479 ईवीएम पर आधारित नहीं होना चाहिए बल्कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में होनी चाहिए।

बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में औचक तौर पर पांच वीवीपैट का ईवीएम से मिलान किया जाएगा। अभी सिर्फ एक ईवीएम का वीवीपैट पर्चियों का मिलान होता है। अभी तक चुनाव आयोग 4125 ईवीएम और वीवीपैट के मिलान कराता है। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह बढ़कर 20,625 ईवीएम और वीवीपैट का मिलान करना होगा।

अभी आयोग विधानसभा चुनाव में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र में और लोकसभा चुनाव में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र में इस प्रकिया का पालन करता है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब हर विधानसभा क्षेत्र में एक के बजाय पांच बूथों पर ईवीएम-वीवीपैट का औचक मिलान करना होगा।

गौरतलब है कि  21 राजनीतिक दलों के नेताओं ने लगभग 6.75 लाख ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों से मिलान की मांग की थी। विपक्षी नेताओं का सुप्रीम कोर्ट में कहना था कि उन्हें 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों की गिनती से चुनाव नतीजे में देर होने पर आपत्ति नहीं है। 21 विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने कहा है कि 50 फीसदी ‘वीवीपैट’ पर्चियों की गिनती किए जाने पर लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा में छह दिनों की देर होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कोई ‘गंभीर विलंब’ नहीं है, बशर्ते कि यह चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करती हो।