अयोध्या पर SC का फैसला- विवादित भूमि पर बनेगा राम मंदिर, मुस्लिम पक्ष को कहीं और मिलेगी जमीन

हुप्रतीक्षित अयोध्या मामले में आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। इसे देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के बहुत ज्यादा इंतजाम किए गए हैं। इस समय अयोध्या पूरी तरह अभेद किले में तब्दील कर दी गई है। फैसले को देखते हुए हर प्रकार की सतकर्ता बरती जा रही है। रात को नए सिरे से हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।

Written by: November 9, 2019 9:37 am

नई दिल्ली। अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। फैसला विवादित जमीन पर रामलला के हक में निर्णय सुनाया गया। फैसले में कहा गया कि राम मंदिर विवादित स्थल पर बनेगा और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन अलग से दी जाएगी। अदालत ने कहा कि 2.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन रहेगी। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया, लेकिन साथ ही कहा कि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह दी जाएगी।

Ayodhya- supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या जमीन विवाद मामले में कहा कि आस्था और विश्वास के आधार पर मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता। अपना फैसला पढ़ते हुए अदालत ने कहा कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। अदालत ने माना कि वहां पहले मंदिर था। एएसआई की रिपोर्ट को वैध माना और कहा कि खुदाई में जो मिला वह इस्लामिक ढांचा नहीं था। फैसला पढ़ते हुए शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने शिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी है। अदालत की पीठ ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया। शिया बोर्ड ने मामले में याचिका दायर कर कहा था कि विवादित स्थल उसे सौंपा जाना चाहिए क्योंकि मस्जिद बनाने वाला शिया था। लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जमीन विवाद मामले में राम जन्मभूमि न्यास को विवादीत जमीन देते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ट्रस्ट बनाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीन महीने में सरकार योजना बनाए। अदालत ने मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ वैकल्पिक जगह देने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया। हिंदू मुख्य गुंबद को ही जन्म का सही स्थान मानते हैं और विवादित स्थल पर ही पूजा करते रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जमीन विवाद मामले में कहा कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। अदालत ने माना कि वहां पहले मंदिर था। एएसआई की रिपोर्ट को वैध माना और कहा कि खुदाई में जो मिला वह इस्लामिक ढांचा नहीं था।

जमीन पर मालिकाना हक कानूनी नजरिये से तय होगा: चीफ जस्टिस

सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अखाड़े का दावा लिमिटेशन से बाहर है।

अयोध्या पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई फैसला पढ़ रहे हैं। इस दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि 1949 में मूर्तियां रखी गईं।

कोर्ट रूम में फैसले की कॉपी लाई गई, जिसके बाद फैसले की कॉपी पर सभी जजों ने दस्तखत किए।

उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई अदालत पहुंच गए हैं।

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोहन भागवत मीडिया से करेंगे बात

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अयोध्या केस मे निर्णय के पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख सरसंघचालक मोहन भागवत आज दोपहर एक बजे दिल्ली में झंडेवालान स्थित केशव कुंज परिसर में मीडिया के माध्यम से देश को संबोधित करेंगे।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, ‘अयोध्या पर फैसले से पहले सभी से अपील है कि वह माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें। आइए हम शांति और सद्भाव में रहना जारी रखें। भाईचारे की भावना हमारे धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की पहचान है।’

यूपी पुलिस के एडीजी (अभियोजन) आशुतोष पांडे ने अयोध्या के फैसले पर कहा, ‘भक्त श्री राम लला के मंदिर जा रहे हैं। मंदिर जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं हैं। सभी बाजार खुले हुए हैं, परिस्थिति पूरी तरह से सामान्य है।’

अयोध्या पर फैसला आने में बस कुछ वक्त बचा है, जिससे पहले सुप्रीम कोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है। साथ ही पूरे इलाके में धारा 144 भी लागू कर दी गई है।

supreme court

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि अयोध्या में पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया है। हवाई निरीक्षण भी किया जा रहा है। इंटेलिजेंस मशीनरी भी काम पर लगी हुई है और औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है। सुरक्षा इंतजामों पर नजर रखने के लिए अयोध्या में एक एडीजी रैंक के अफसर की तैनाती की गई है।

अयोध्या मामले पर फैसले से पहले उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा, हमने सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। राज्य के धार्मिक नेताओं और नागरिकों के साथ 10 हजार बैठकें की गई हैं। लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाएं।

अयोध्या पर फैसले को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अयोध्या फैसले के मद्देनजर कहा, हमें अपनी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मैं सभी से अपील करता हूं कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करें और शांति बनाए रखें।

मध्य प्रदेश में स्कूल, कॉलेज बंद

अयोध्या फैसले को देखते हुए मध्यप्रदेश के स्कूल और कॉलेज में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेशवासियों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।