13 दिन के अनशन के बाद स्वाति मालीवाल की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

डॉक्टरों ने बताया कि स्वाति मालीवाल का यूरिक एसिड बढ़ा हुआ था और वाइटल पैरामीटर फ्लक्चुएट कर रहा था। इसकी वजह से उन्हें तुरंत एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Avatar Written by: December 15, 2019 9:14 am

नई दिल्ली। महिला सुरक्षा और रेप मामले में दोषियों को फांसी देने की मांग को लेकर अनशन पर बैठीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें दिल्ली के ही एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि, रविवार सुबह वह बेहोश हो गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला लिया गया।

Swati Maliwal

स्वाति मालीवाल को अनशन पर बैठे हुए 13 दिन हो गए हैं। उनका वजन 7 किलो कम हो गया है और देर रात जब डॉक्टर्स की टीम ने चेकअप किया तो उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन वह मानीं नहीं और आज सुबह बेहोश हो गईं। कमजोरी के चलते बात भी करने में असमर्थ हैं।

Swati Maliwal admit

डॉक्टरों ने बताया कि स्वाति मालीवाल का यूरिक एसिड बढ़ा हुआ था और वाइटल पैरामीटर फ्लक्चुएट कर रहा था। इसकी वजह से उन्हें तुरंत एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दरअसल, सुबह वह बेहोश हो गई थीं लिहाजा उन्हें अस्पताव में भर्ती कराने का फैसला लिया गया।

Swati Maliwal Hospitalized

दिल्ली महिला आयोग के एक सदस्य ने बताया कि आज उनका अनशन का 13वां दिन था। स्वाति मालीवाल से जुड़े लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार का कोई भी नुमाइंदा राजघाट नहीं पहुंचा। इससे वह काफी व्यथित थीं, उन्होंने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। निर्भया के दोषियों को अभी तक फांसी नहीं मिली है।

अपनी मुहिम को लेकर स्वाति मालीवाल ने अनशन स्थल से ही महिला सांसदों को पत्र लिखकर झकझोरने की कोशिश की। उन्होंने दुष्कर्मियों के लिए सख्त कानून की मांग संसद में उठाने की मांग की है। स्वाति ने कहा, “यदि आप मांग संसद में नहीं उठा पातीं तो उम्मीद करूंगी कि राजघाट आकर देश की बेटियों के अनशन में भाग लेंगी और तब तक नहीं रुकेंगी जब तक देश में महिला अपराध के खिलाफ मजबूत तंत्र नहीं बन जाता।”

Swati Maliwal Anshan

उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बना देना काफी नहीं है, उसको लागू भी करना होगा। इसलिए यह जरूरी है कि तत्काल सभी ‘रेपिस्टों’ को छह महीने में फांसी की सजा का कानून लागू हो। स्वाति मालीवाल ने महिला सांसदों से कम से कम छह मांगें संसद में उठाने की मांग की है। पहली मांग है कि निर्भया के दोषियों को तुरंत फांसी दी जाए, क्योंकि इंतजार करते-करते आठ साल हो गए।