जिन पत्थरों से बना है ताजमहल, उन्हीं पत्थरों से मोदी सरकार ‘काशी’ में करने जा रही है ये भव्य निर्माण

दरअसल पीएम मोदी चाहते हैं कि इस कॉरिडोर को भव्य रूप दिया जाए, इसको लेकर अधिकारियों ने कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि इसके निर्माण में किसी भी तरह की कोई कमी न रह जाए। सूत्रों की मानें तो कॉरिडोर निर्माण से जुड़े अधिकारियों को शासन स्तर से खुली छूट दे दी गई है।

Written by: September 11, 2019 8:35 am

नई दिल्ली। दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल के निर्माण में जिन पत्थरों का इस्तेमाल हुआ है, उन्हीं मकराना के पत्थरों से मोदी सरकार महादेव की काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण करेगी। बता दें कि निर्माणाधीन ‘श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर’ को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।

श्रीकाशी विश्वनाथ न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने राजस्थान के मकराना जाकर खदानों में पत्थरों के सैंपल देखे। सीईओ सिंह ने आजतक से कहा कि मकराना में उनकी पांच-छह खदान मालिकों से बात हुई और पत्थरों के संबंध में जानकारी लेने के साथ ही एस्टीमेट भी ले लिया गया है।

बता दें कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को आधुनिकता के लिहाज से तैयार किया जा रहा है। कोशिश ये है कि इसकी अध्यात्मिक महत्ता भी बनी रहे और आधुनिकता भी। बता दें कि इसी लिहाज से काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण भी हो रहा है। इस कॉरिडोर को भव्य रूप देने के लिए ताजमहल में लगे पत्थरों का उपयोग किया जाएगा। जिसके लिए पत्थरों के सैंपल लिए जा रहे हैं।

श्रीकाशी विश्वनाथ न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि पत्थर की क्वालिटी और अन्य सभी मानकों को परखने के बाद कार्यदायी संस्था का निर्धारण किया जाएगा। सिंह ने कहा कि विशेषज्ञों से बातचीत और पत्थरों की क्वालिटी तय होने के बाद खदान मालिकों से डील फाइनल की जाएगी। सीईओ सिंह ने कहा कि हमारा जोर गुणवत्ता पर है, इससे समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी इसके लिए शासन से स्वीकृति लेने के साथ ही अन्य औपचारिकताओं को भी पूरा किया जाना है। ऐसे में हर कदम ध्यान से बढ़ाया जाएगा।

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दरअसल पीएम मोदी चाहते हैं कि इस कॉरिडोर को भव्य रूप दिया जाए, इसको लेकर अधिकारियों ने कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि इसके निर्माण में किसी भी तरह की कोई कमी न रह जाए। सूत्रों की मानें तो कॉरिडोर निर्माण से जुड़े अधिकारियों को शासन स्तर से खुली छूट दे दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए शासन स्तर से धन की कमी नहीं होने देने और जितना भी लगेगा, उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया है।

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण लगभग चार लाख वर्ग फीट से अधिक भूमि में होना है। इसी परिधि के तहत यहां भवनों की खरीद की गई है और करीब तीन लाख 80 हजार स्क्वायर फीट जमीन भी क्रय कर ली गई है। हालांकि परिक्षेत्र के बढ़ने की संभावना बनी हुई है और यही वजह है कि कॉरिडोर निर्माण के लिए करीब 10 लाख स्क्वायर फीट पत्थर मकराना से खरीदे जाएंगे।