24 घंटे के भीतर आएगा बेहद महत्वपूर्ण फैसला, चीफ जस्टिस का दफ्तर आरटीआई के दायरे में होगा या नहीं!

अगले 24 घंटे के भीतर एक बेहद ही महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का दफ्तर आरटीआई के दायरे में आना चाहिए या नहीं इस मुद्दे पर बुधवार को फैसला आ सकता है।

Avatar Written by: November 12, 2019 5:11 pm

नई दिल्ली। अगले 24 घंटे के भीतर एक बेहद ही महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का दफ्तर आरटीआई के दायरे में आना चाहिए या नहीं इस मुद्दे पर बुधवार को फैसला आ सकता है। संवैधानिक बेंच ने अप्रैल में मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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एक तबका यह मांग उठाता रहा है। जजों के कामकाज को आरटीआई के दायरे में लाने के लिए सबसे बड़ी दलील यह रही है कि इससे जनता में न्यायपालिका के लिए विश्वसनीयता बढ़ेगी और सिस्टम में अधिक पारदर्शिता आएगी।

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यह बात तब और बढ़ गई जब खुद सीआईसी ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का दफ्तर आरटीआई के दायरे में आता है। मगर बात यहीं खत्म नहीं हुई। सीआईसी और हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने 2010 में चुनौती दी थी।

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सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी हुई है जिसमें सीआईसी के आदेश को सही ठहराया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर स्टे कर दिया था और मामले को संवैधानिक बेंच को रेफर कर दिया था।

Prashant Bhushan

इस मामले में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने याचिका की हुई है। उनका कहना है कि ऐसा होने से कॉलेजियम सिस्टम आदि को लेकर फैलने वाले भ्रम खत्म हो जाएंगे और तस्वीर साफ हो सकेगी।