जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित राज्य बनाने के बाद मोदी सरकार उठाने वाली है एक और बड़ा कदम

अब मोदी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने वाली है और दो केंद्र शासित राज्यों का विलय होने वाला है। दरअसल, दमन एंड दीव और दादर एंड नागर हवेली को एक साथ मिलाकर एक केंद्र शासित राज्य बनाने को योजना चल रही है।

Avatar Written by: November 23, 2019 8:53 am

नई दिल्ली। अगस्त के महीने में मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित राज्य बना दिया गया था। अब मोदी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने वाली है और दो केंद्र शासित राज्यों का विलय होने वाला है। दरअसल, दमन एंड दीव और दादर एंड नागर हवेली को एक साथ मिलाकर एक केंद्र शासित राज्य बनाने को योजना चल रही है।

modi government

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि इस संबंध में अगले हफ्ते एक बिल संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दादरा एंड नागर हवेली और दमन एंड दीव (मर्जर ऑफ यूनियन टेरिटेरीज) बिल 2019 अगले हफ्ते के लिए प्रस्तावित सरकारी कामकाज का हिस्सा है।

arjun meghwal

क्या कहते हैं अधिकारी

Amit Shah & Narendra Modi

अधिकारियों का कहना है कि गुजरात के नजदीक पश्चिमी तट पर स्थित इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के आपस में विलय से बेहतर प्रशासन मिल सकेगा और कार्यों का दोहराव रोका जा सकेगा। दादरा एंड नागर हवेली में एक जबकि दमन एंड दीव में 2 जिले हैं।

कैसा होगा नया राज्य

daman and diu

महज 35 किलोमीटर दूर स्थित दोनों राज्यों के अपने सचिवालय हैं और अलग-अलग बजट। महज एक जिले वाले दादरा और नागर हवेली और दो जिलों वाले दमन और दीव के विलय से प्रशासनिक खर्चों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। पुनर्गठित केंद्र शासित प्रदेश को दादरा नागर हवेली, दमन और दीव नाम दिए जाने और दमन और दीव को इसका मुख्यालय बनाए जाने की संभावना है।

8 हो जाएगी केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या

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जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद इनकी संख्या बढ़कर नौ हो गई थी। अब जब दो केंद्र शासित प्रदेशों का मर्जर होगा, केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या एक घटकर 8 हो जाएगी। बता दें कि इसी साल अगस्त महीने में मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के साथ ही 5 अगस्त को संसद में जम्मू कश्मीर राज्य पुनर्गठन बिल पेश किया था। इस बिल के माध्यम से जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा समाप्त कर प्रदेश को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था।

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