देखिए घाटी से 370 हटने के बाद कैसे बढ़ रही है वैष्णो देवी मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या, रिकॉर्ड आंकड़ा आया सामने

हिंदू धर्म के मानने वाले लोगों के लिए आस्था के सबसे बड़े केंद्र वैष्णो देवी में भी दर्शनार्थियों की संख्या में अपार वृद्धि दर्ज की गई है। इस बात की पुष्टि इस आंकड़े से हो सकती है।

Written by: November 6, 2019 6:31 pm

नई दिल्ली। कश्मीर से धारा 370 के खात्मे के बाद से लगातार घाटी में हालात सामान्य होते जा रहे हैं। सरकार की तरफ से घाटी में लगाया गया प्रतिबंध भी धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। इसकी के मद्देनजर घाटी में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। सरकार के इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शाषित प्रदेश भी बन गए हैं।Vaishno devi Shrine Board

इस सब के बीच हिंदू धर्म के मानने वाले लोगों के लिए आस्था के सबसे बड़े केंद्र वैष्णो देवी में भी दर्शनार्थियों की संख्या में अपार वृद्धि दर्ज की गई है। इस बात की पुष्टि इस आंकड़े से हो सकती है। पिछले 10 महीने के दर्शनार्थी आंकड़ों की मानें तो वैष्णो देवी में दर्शन करनेवालों की संख्या रिकॉर्ड रही। यहां माता वैष्णो देवी के दर्शन करनेवाले 67,91,133 दर्शनार्थी पहुंचे। केंद्र सरकार की कोशिश का नतीजा है कि इतनी बड़ी संख्या में आए हुए दर्शनार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया।


आंकड़े की मानें तो वैष्णो देवी के दर्शन के लिए हर रोज 20 हजार से 25 हजार तक दर्शनार्थी रोज पहुंच रहे हैं। ये आंकड़े कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ चुका है। मतलब साफ है कि वैष्णो देवी यात्रा को लेकर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बरकरार है। दीपावली के साथ ही अन्य प्रमुख त्योहारों को लेकर यात्रा में गिरावट लगातार जारी थी। अब त्योहारों का सीजन बीत जाने के बाद यात्रा में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। वर्तमान में प्रतिदिन 24 से 29 हजार श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आधार शिविर कटड़ा पहुंच रहे हैं।Vaishno Devi Shrine Board

इससे पहले इस बार शारदीय नवरात्र पर मां बैष्णो देवी के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या ने पहले नौ दिन में 3.5 लाख का आंकड़ा पार कर लिया था। इससे पहले वर्ष 2013 में लगभग इतने ही भक्तों ने भवन में माथा टेका था। छह वर्ष बाद ऐसा मौका आया कि भक्तों की संख्या आठ दिन में 3.3 लाख के करीब पहुंच गई। वहीं वर्ष 2019 के शारदीय नवरात्र में आठ दिन में ही आंकड़ा पिछले चार वर्ष के कुल आंकड़े को पार कर गया है।