ट्रैफिक जुर्माने से पैसे कमाना नहीं जीवन बचाना है मकसद: नितिन गडकरी

नितिन गडकरी ने कहा कि राज्य अपने अधिकार क्षेत्र में जुर्माने को कम करने का फैसला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र का मकसद सड़क परिवहन को सुरक्षित बनाना है।

Written by: September 11, 2019 8:17 pm

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में ट्रैफिक जुर्माने में की गई भारी का बुधवार को बचाव किया और इसे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को रोकने का एक कारगर उपाय बताया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के अनुसार, भारी जुर्माना राजस्व वृद्धि के बजाय जिंदगियां बचाने के लिए लगाया गया है। नितिन गडकरी ने कहा कि राज्य अपने अधिकार क्षेत्र में जुर्माने को कम करने का फैसला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र का मकसद सड़क परिवहन को सुरक्षित बनाना है। गडकरी ने साथ ही जोड़ा कि अगर लोग नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें जुर्माना भरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जुर्माना 30 साल के बाद बढ़ाया गया है।

गुजरात सरकार ने जुर्माने को 90% तक कम करने का ऐलान किया है। कुछ अन्य सरकारें भी भविष्य में ऐसा ऐलान कर सकती हैं। गडकरी ने इस पर कहा, भारत में हर साल सड़क दुर्घटना में 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों की मौत होती है। उसमें से 65% लोगों की आयु 18 से 35 साल के बीच होती है। हर साल 2 से 3 लाख लोग सड़क दुर्घटना के कारण दिव्यांग हो रहे हैं। हम युवाओं के जान की कीमत समझते हैं। इसलिए हम कड़ा यातायात नियम लेकर आए।

मैं सिर्फ अपील कर सकता हूंnitin-1

केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकारों द्वारा जुर्माने की रकम माफ करने के फैसले पर कहा, मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है। जो भी राजस्व आएगा वह राज्य सरकारों के पास ही जाएगा। मैं बतौर मंत्री सिर्फ अपील ही कर सकता हूं कि यह जुर्माना राजस्व के लिए नहीं है।

नियम का पालन करने पर कोई रकम नहीं देनीNitin Gadkari

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम लोगों से कोई जुर्माना नहीं वसूलना चाहते हैं, सड़क सफर को सुरक्षित बनाना चाहते हैं। रोड हादसों के मामले में भारत का रेकॉर्ड विश्व में काफी खराब है। अगर लोग परिवहन नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें कोई रकम देने की जरूरत नहीं है।

भय के लिए भारी-भरकम जुर्माना जरूरी

गडकरी ने कहा कि सख्त कानून की जरूरत थी। क्योंकि लोग यातायात नियम को बेहद हल्के तौर पर लेते थे। उनके जेहन में कानून के प्रति न तो भय था और न आदर। इसलिए नए नियम में भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है, ताकि लोगों में कानून का डर हो।

नितिन गडकरी ने कहा- वित्त मंत्री के बयान को गलत समझा गया

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटो सेक्टर में मंदी पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान का बचाव किया। गडकरी ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि सीतारमण के बयान को गलत समझा गया। ऑटो सेक्टर में मंदी की कई वजह हैं। ओला-उबर का इस्तेमाल बढ़ना भी उनमें से एक है। इससे पहले सीतारमण ने मंगलवार को कहा था कि नई पीढ़ी नई कार की ईएमआई चुकाने की बजाय ओला और उबर जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं।nirmala

गडकरी ने कहा- पिछले कुछ महीनों में ऑटो इंडस्ट्री में लगातार गिरावट के कई कारण रहे हैं। जैसे ई-रिक्शा की सेल में बढ़ोतरी की वजह से सामान्य ऑटो रिक्शा की बिक्री कम हुई। इसके अलावा देशभर में सार्वजनिक परिवहन में बेहतरी भी मंदी की एक वजह रही है।