लोकसभा में पेश हुआ तीन तलाक बिल, रविशंकर प्रसाद बोले- संसद को अदालत न बनाएं

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में भारी हंगामे के बीच यह बिल पेश किया। सरकार के पिछले कार्यकाल में भी तीन तलाक पर बिल लाया गया था लेकिन लोकसभा से पारित हो जाने के बाद यह बिल राज्यसभा से पास नहीं हो पाया था।

Written by: June 21, 2019 12:50 pm

नई दिल्ली। लोकसभा में आज भारी हंगामे के बीच तीन तलाक बिल पेश कर दिया गया। 17वीं लोकसभा के गठन के बाद मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बिल है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में भारी हंगामे के बीच यह बिल पेश किया। सरकार के पिछले कार्यकाल में भी तीन तलाक पर बिल लाया गया था लेकिन लोकसभा से पारित हो जाने के बाद यह बिल राज्यसभा से पास नहीं हो पाया था।

Ravi Shankar Prasad

इस बिल के पेश होते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि मंत्री सिर्फ बिल पेश करने की अनुमति मांग रहे हैं और किसी सदस्य की आपत्ति है तो फिर मैं जवाब देने के लिए तैयार हूं। इसके बाद हंगामे के बीच रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक बिल लोकसभा में पेश कर दिया है।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने पिछली सरकार में इस बिल को लोकसभा से पारित किया था लेकिन राज्यसभा में यह बिल पेंडिंग रह गया था। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रक्रियाओं के अनुसार हम बिल को फिर से लेकर आए हैं। जनता ने हमें कानून बनाने के लिए चुना है और कानून पर बहस अदालत में होती है और कोई लोकसभा को अदालत न बनाए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह सवाल सियासत या इबादत का नहीं बल्कि नारी न्याय का सवाल है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में कहा गया है कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता, इसलिए यह संविधान के खिलाफ कतई नहीं है बल्कि उनके अधिकारों से जुड़ा हैं।

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आल इंडिया मजलिस-इ-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस बिल से सिर्फ मुस्लिम पुरुषों को सजा मिलेगी, सरकार को सिर्फ मुस्लिम महिलाओं से हमदर्दी क्यों है, केरल की हिन्दू महिलाओं की चिंता सरकार क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराया है। इस बिल के बाद जो पति जेल जाएंगे उनकी पत्नियों का खर्चा क्या सरकार देने के लिए तैयार है।

वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तीन तलाक बिल का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस बिल से मुस्लिम महिलाओं के हितों की रक्षा नहीं होगी बल्कि उनकी दिक्कतों और बढ़ जाएंगी।

इससे पहले मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी में बजट सत्र के दौरान तीन तलाक बिल पेश किया था। लेकिन राज्यसभा में कम बहुमत होने के कारण यह बिल ऊपरी सदन में पास नहीं हो सका। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए तीन तलाक बिल लेकर आई है।