उद्धव ठाकरे सरकार फ्लोर टेस्ट में पास लेकिन नहीं मिला राज ठाकरे की पार्टी का समर्थन

चार तटस्थ विधायकों में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के विधायक राजू पाटिल का भी नाम शामिल है। गौरतलब है कि, शिवाजी पार्क में आयोजित उद्धव ठाकरे की शपथ ग्रहण समारोह में भाई राज ठाकरे भी पहुंचे थे।

Written by: November 30, 2019 3:23 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की नवनिर्वाचित सरकार बहुमत परीक्षण में पास हो गई है और उद्धव ठकरे सरकार को 169 विधायकों का समर्थन मिला है। जहां भाजपा के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर लिया था, तो वहीं 4 विधायक ऐसे रहे जिन्होंने किसी भी पार्टी को समर्थन नहीं दिया, मतलब तटस्थ रहे। लेकिन जो सबससे ज्यादा चौंकाने वाली बात थी कि, उद्धव ठाकरे को उनके भाई राज ठाकरे की पार्टी के विधायक ने अपना समर्थन नहीं दिया है।

uddhav raj thackrey

चार तटस्थ विधायकों में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के विधायक राजू पाटिल का भी नाम शामिल है। गौरतलब है कि, शिवाजी पार्क में आयोजित उद्धव ठाकरे की शपथ ग्रहण समारोह में भाई राज ठाकरे भी पहुंचे थे। इसके बाद उम्मीद जताई जी रही थी कि, मनसे के विधायक का भी समर्थन उद्धव सरकार को मिल सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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इससे पहले विधानसभा का सत्र शुरु होते ही भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की शपथ पर ही सवाल खड़े कर दिए। फडणवीस ने कहा कि, जिस तरह से शपथ ली गई उस पर भी मुझे आपत्ति है। जिसके बाद स्पीकर ने कहा कि सदन के बाहर क्या हुआ उस पर बात नहीं करनी चाहिए। उसके बाद फडणवीस ने कहा कि मुझे संविधान पर बात करने का अधिकार है।

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उन्होंने कहा कि, अगर ऐसा नहीं है तो मुझे यहां बैठने की जरूरत नहीं है। जिस तरह से शपथ ली गई वह प्रिस्क्राइब्ड नहीं थी, जो शपथ ली गई वह संविधान के तहत नहीं ली गई। उसमें कई नाम लिए गए जो राज्यपाल द्वारा लिखी गई शपथ में नहीं थे।

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इसके साथ ही, देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, जब तक नए स्पीकर की नियुक्ति नहीं होती तब तक प्रोटेम स्पीकर का रहना जरूरी है। प्रोटेम स्पीकर को क्यों बदला गया। अगर यह वही अधिवेशन चल रहा है तो प्रोटेम स्पीकर क्यों बदला गया। यह गलत है। यह देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ। ऐसा क्या डर था या क्या जरूरत थी कि प्रोटेम स्पीकर बदला गया। सभी नियमों को ताख पर रखा जा रहा है। स्पीकर के चुनाव से पहले फ्लोर टेस्ट नहीं किया जा सकता। जब तक स्थायी स्पीकर नियुक्त नहीं किया जाता तब तक विश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।