‘वंदे मातरम्’ को लेकर एक बार फिर से उठा लोकसभा में विवाद, सपा नेता ने दिया ये बयान

सपा नेता और संभल लोकसभा से चुनकर आए प्रत्याशी डॉ शफिकुर्रहमान बर्क ने लोकसभा में यह बयान दिया जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने अपने शपथ के अंत में कहा कि जहां तक वंदे मातरम् का तालुक्क है वह इस्लाम के खिलाफ है इसलिए मैं इसे नहीं मान सकता। हालांकि उन्होनें भारतीय संविधान की सराहना की ।

Written by: June 18, 2019 3:49 pm

नई दिल्ली। लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद एक बार फिर खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के एक नेता (सांसद) ने लोकसभा में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ कहना इस्लाम के विरुद्ध है। लोकसभा में सपा के इस नेता ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ कहने का वह इसलिए विरोध करते हैं क्योंकि उनके धर्म में इसे कहना गलत माना जाता है। लोकसभा में सपा सांसद के इस बयान पर हंगामा हो गया और वहां उपस्थित अन्य सांसदों ने इस बात का खुलकर विरोध किया और कहा कि वह अपने इस बयान को लेकर माफी मांगें।

shafiqur rehman fi

सपा नेता और संभल लोकसभा से चुनकर आए प्रत्याशी डॉ शफिकुर्रहमान बर्क ने लोकसभा में यह बयान दिया जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने अपने शपथ के अंत में कहा कि जहां तक वंदे मातरम् का तालुक्क है वह इस्लाम के खिलाफ है इसलिए मैं इसे नहीं मान सकता। हालांकि उन्होनें भारतीय संविधान की सराहना की ।

सांसद के यह कहते ही सदन में जोर-जोर से शेम-शेम के नारे गूंजने लगे। सपा सांसद के बयान के बाद भाजपा सांसदों की ओर से वंदे मातरम के नारे लगाए गए। इसके बाद चेयर पर आसीन डिप्टी स्पीकर ने कहा कि सिर्फ शपथ ही रिकॉर्ड में जाएगी, बाकी कुछ भी दर्ज नहीं किया जाएगा। इसके बाद चेयर से सभी सांसदों ने अपनी करते हुए कहा कि किसी भी तरह की नारेबाजी ना करें सिर्फ शपथ को ही सदन के भीतर पढ़ा जाए।

shafiqur rehman ed

वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट से सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार एसटी हसन ने भी वंदे मातरम का पहले से ही विरोध किया है।

st hasan

एसटी हसन ने ‘वंदे मातरम’ को धर्म से जोड़ते हुए कहा है कि वह इस बारे में धार्मिक गुरु से विचार करेंगे, अगर उनका धर्म उन्हें इजाजत नहीं देता तो वे भी ‘वंदे मातरम’ के विरोध में खड़े हैं।