US ने अपने रिकॉर्ड्स खंगाले, कहा- ट्रंप के दावे का कोई सबूत नहीं, इवांका का VIDEO भी दे रहा गवाही

राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी आखिरी बार जापान के शहर ओसाका में पिछले महीने आयोजित जी-20 सम्मेलन में मिले थे।

Written by: July 23, 2019 5:19 pm

नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली मुलाकात में कश्मीर मुद्दे पर कोई बात हुई थी, क्योंकि दोनों देशों के पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी आखिरी बार जापान के शहर ओसाका में पिछले महीने आयोजित जी-20 सम्मेलन में मिले थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता को लेकर ट्रंप के नाटकीय दावे के बाद मची सियासी हलचल के बीच दोनों देशों ने अपने-अपने आधिकारिक रिकॉर्ड्स खंगाले और पाया कि ट्रंप के ताजा बयान से संबंधित किसी बात का कहीं, कोई जिक्र नहीं है। खुद अमेरिका ने भारत को कहा कि उसके किसी रिकॉर्ड में ट्रंप के दावे का सबूत नहीं मिला।

सूत्रों ने बताया कि अमेरिका ने अनौपचारिक तौर पर भारतीय पक्ष से बात की और इस बात की पुष्टि भी की कि न तो अमेरिकी विदेश मंत्रालय और न ही वाइट हाउस के आधिकारिक रिकॉर्ड्स में ट्रंप के दावे को लेकर कुछ भी पाया गया है।

तो वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी ट्रंप-मोदी संवाद के रिकॉर्ड्स चेक किए और पाया कि कश्मीर पर दूर-दूर तक ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई जिससे कि ट्रंप को मोदी की बात समझने में किसी प्रकार के भ्रम की आशंका भी जताई जा सके।

बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है जिस पर दोनों पक्ष ही बातचीत करेंगे। ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान और भारत के (वार्ता की मेज पर) बैठने का स्वागत करेगा और (इस काम में) अमेरिका मदद करने को तैयार है।

इवांका ट्रंप का वीडियो
अगर ओसाका में हुई मुलाकात की बात करें, तो उस राउंडअप मीटिंग की एक जानकारी डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने वीडियो जारी कर दी थी। इवांका ट्रंप ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 5G, राष्ट्रीय सुरक्षा, ट्रेड और ईरान को लेकर चर्चा हुई। उसमें कहीं भी कश्मीर को लेकर इस तरह का कोई जिक्र नहीं था।

जानकारी के लिए बता दें कि इवांका ट्रंप व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप की एडवाइज़र भी हैं।

pm modi 2

पीएम मोदी ने कश्मीर पर दी थी चेतावनी
जानकारी के लिए बता दें कि पीएम मोदी ने 2015 में पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी को कड़ा संदेश दिया था जब अपने वाइब्रैंट गुजरात सम्मेलन में शिरकत करने भारत आए केरी ने कश्मीर मुद्दे और भारत-पाकिस्तान वार्ता पर अपने विचार रखे। तब पीएम मोदी ने तत्कालीन ओबामा ऐडमिनिस्ट्रेशन के सामने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को लेकर लाल रेखा खींच दी थी। उसके बाद अमेरिका की तरफ से यह मामला कभी नहीं उठाया गया था।