राममंदिर को लेकर अर्नगल बयानबाजी पर विहिप ने लगाई पाबंदी

अयोध्या में राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) भी सतर्कता बरत रहा है। निर्णय आने से पहले विहिप ने इस पर अनर्गल बयानबाजी करने पर पाबंदी लगा दी हैं, जिससे माहौल न खराब हो सके। सूत्रों की मानें तो राममंदिर फैसले को लेकर आरएसएस बहुज ज्यादा संजीदा है।

Written by: November 5, 2019 3:03 pm

नई दिल्ली। अयोध्या में राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) भी सतर्कता बरत रहा है। निर्णय आने से पहले विहिप ने इस पर अनर्गल बयानबाजी करने पर पाबंदी लगा दी हैं, जिससे माहौल न खराब हो सके। सूत्रों की मानें तो राममंदिर फैसले को लेकर आरएसएस बहुज ज्यादा संजीदा है।

vishva hindu parishad

इसके निर्णय के पहले और बाद में भी किसी प्रकार का कोई माहौल न खराब हो, इसे लेकर कई स्तर की बैठकें चल रही हैं। संघ के बड़े नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है। प्रांत प्रचारक और उससे छोटे पदाधिकारी अपने-अपने प्रांतों में बैठकें कर विभिन्न प्रकार से संयम और शांति बहाल रखने की अपील में लगे हुए हैं।

vhp on ram mandir

बता दें, संघ ने इसको लेकर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को विशेष रूप से जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके बाद बड़े मुस्लिम चेहरों से संवाद स्थापित करके अमन और शांति का माहौल कायम करने की पहल की जा रही है। विश्व हिंदू परिषद संत समाज के लगातार सम्पर्क में है और उनसे चर्चा कर रहा है।

UP CM Yogi Adityanath
योगी सरकार ने अपने बड़बोले मंत्रियों की अनर्गल बयानबाजी पर पहले ही रोक लगा रखी है, जिससे किसी प्रकार का माहौल न खराब हो। हलांकि इस मामले को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु और मौलाना भी अपने ढंग से सौहार्द और अमन स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।विश्व हिन्दू परिषद ने अवध प्रांत में होने वाले त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम को बहुत पहले ही रोक दिया था। अपने हित चिंतक अभियान में भी विराम लगा दिया है। इसके तहत नए सदस्य बनाए जाते थे।

Ram Mandir Karyashalaविहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया, “हमारा संगठन सदैव अनुशासन में रहता है। मंदिर मुद्दे के निर्णय पर खासकर सतर्कता बरती जा रही है। कई लोग अनर्गल बयानबाजी करते है। परिस्थितियां देखकर ही बयान देना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नवंबर के सारे कार्यक्रम बहुत पहले ही रद्द कर दिए गए हैं। अभी लगभग सारे बड़े नेता दिल्ली में हैं। सभी का ध्यान अभी मंदिर को लेकर आने वाले निर्णय पर केंद्रित है।