विकास दुबे एनकाउंटर मामला NHRC पहुंचा, नूतन ठाकुर और तहसीन पूनावाला ने की शिकायत

एक तरफ जहां विकास दुबे के एनकाउंटर की खबर के बाद शहीदों के परिवारों में खुशी का माहौल है, तो वहीं कुछ लोग विकास दुबे के परिवार को लेकर संवेदना जाहिर कर रहे हैं।

Avatar Written by: July 10, 2020 2:53 pm

नई दिल्ली। कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे आज कानपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। एक तरफ जहां विकास दुबे के एनकाउंटर की खबर के बाद शहीदों के परिवारों में खुशी का माहौल है, तो वहीं कुछ लोग विकास दुबे के परिवार को लेकर संवेदना जाहिर कर रहे हैं।

एक वकील ने जहां विकास दुबे के एनकाउंटर और उसके घर पर हुई कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, तो वहीं अब एनकाउंटर का ये मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से विकास दूबे मामले में पुलिस की ओर से की गई तमाम गैरकानूनी कार्रवाइयों की जांच की मांग की है। अपनी शिकायत में नूतन ने कहा है कि विकास दूबे का कृत्य अत्यंत जघन्य था, लेकिन जिस प्रकार से पुलिस ने इसके बाद गैरकानूनी कार्य किये हैं, वे भी अत्यंत निंदनीय हैं।

Vikas Dubey

उन्होंने कहा कि आरोप हैं कि विकास के मामा प्रेम प्रकाश पाण्डेय तथा अतुल दूबे को गाँव में मारा गया, जबकि वे कथित रूप से घटना में शरीक नहीं होने के कारण गांव में मौजूद थे। इसी प्रकार उसके सहयोगी प्रभात मिश्रा तथा प्रवीण दूबे और अब खुद विकास को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मारा जाना कोई भी स्वीकार नहीं कर पा रहा। नूतन ठाकुर ने कहा कि पुलिस की कहानी में कई जाहिर तौर पर खामियां हैं। उन्होंने विकास के घर को बिना आदेश गिराए जाने और उसकी पत्नी और बच्चे के साथ किए गए बर्ताव को भी अवैधानिक और अनुचित बताया और इन सभी आरोपों की जांच की मांग की।

तहसीन पूनावाला ने दर्ज कराई शिकायत

वहीं तहसीन पूनावाला की ओर से NHRC में एनकाउंटर को लेकर शिकायत दर्ज की गई है। इस शिकायत में गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के अलावा उसके पांच साथियों के मारे जाने की बात शामिल की गई है। साथ ही लिखा गया है कि विकास दुबे ने खुद सभी के सामने सरेंडर किया था। इसके अलावा दावा किया गया है कि वीडियो फुटेज में विकास दुबे टाटा सफारी में बैठा हुआ दिख रहा है, जबकि जो गाड़ी पलटी है वो दूसरी है। ऐसे में इस एनकाउंटर और घटना पर शक पैदा होता है। ऐसे में इस मामले में जांच के लिए अपील की गई है।


पूनावाला की ओर से आरोप लगाया गया कि विकास दुबे को इसलिए फर्जी एनकाउंटर में मार दिया गया, ताकि उसके राजनीतिक और पुलिस महकमे में संबंध सामने ना आ पाएं।

Support Newsroompost
Support Newsroompost