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NEET Paper Leak: कौन है नीट पेपर लीक में साजिशकर्ता का सहयोगी मंत्री? जिसकी मदद से NHAI गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे नकलची..

NEET Paper Leak: इस ऑपरेशन का सरगना सिकंदर यादवेंदु बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। घोटाले में शामिल होने के कारण जेल जा चुका सिकंदर 2012 में बिहार एसएससी परीक्षा पास करने से पहले रांची में ठेकेदार के तौर पर काम करता था और जूनियर इंजीनियर बन गया था। उसका बेटा और बेटी दोनों ही मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं और उसका दामाद पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहा है।

नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना से नीट परीक्षा लीक में ‘सरकारी सहयोग’ के सबूत सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि पेपर लीक की पटकथा पटना के NHAI गेस्ट हाउस में लिखी गई थी, जिसमें एक मंत्री की संलिप्तता थी। कथित तौर पर एक मंत्री द्वारा लिखे गए 440 नंबर के एक पत्र ने छात्रों और उत्तर देने वाले कोचों (सॉल्वरों) को गेस्ट हाउस में ठहरने में मदद की। मंत्री के इस हस्तक्षेप ने सॉल्वर गिरोह के सरकार के भीतर कनेक्शन की सीमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। NHAI गेस्ट हाउस में गेस्ट एंट्री रजिस्टर में एक छात्र अनुराग यादव का नाम ‘मंत्री जी’ के साथ दर्ज है, जो उच्च-स्तरीय संलिप्तता को दर्शाता है।

अनुराग यादव, अन्य उम्मीदवारों के साथ गेस्ट हाउस में ठहरा था, जिसे कथित तौर पर घोटाले के पीछे के मास्टरमाइंड सिकंदर यादवेंदु द्वारा आयोजित किया गया था। पुलिस ने अनुराग को गिरफ्तार कर लिया है, जो अपनी मां और अन्य उम्मीदवारों के साथ गेस्ट हाउस में रह रहा था। टीवी9 भारतवर्ष ने एनएचएआई गेस्ट हाउस से गेस्ट एंट्री रजिस्टर हासिल किया है, जिसमें 4 मई को दोपहर 12:40 बजे अनुराग की एंट्री दिखाई गई है। नीट यूजी पेपर लीक की जांच कर रही बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने पटना के एजी कॉलोनी में लालू खटाल के पास एक किराए के मकान से एटीएम कार्ड और पासबुक जब्त किए हैं। इससे पहले जांच के दौरान छह पोस्ट-डेटेड चेक बरामद किए गए थे, जो घोटाले में शामिल माफिया सदस्यों को जारी किए गए थे। संदेह है कि लीक हुए उत्तरों के लिए उम्मीदवारों से 30 लाख रुपये तक वसूले गए। बिहार में नीट पेपर लीक के सिलसिले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें पांच नीट यूजी उम्मीदवार शामिल हैं।

नीट पेपर लीक मामले में अहम खुलासे:

  • मास्टरमाइंड सिकंदर यादवेंदु का पर्दाफाश हो गया है।
  • कई बैंक पासबुक और छह पोस्ट-डेटेड चेक बरामद किए गए हैं।
  • पटना में जले हुए प्रश्नपत्र मिले।
  • अधिकारियों को संदेह है कि उम्मीदवारों से 30 लाख रुपये मांगे गए।

सिकंदर यादवेंदु कौन है?

इस ऑपरेशन का सरगना सिकंदर यादवेंदु बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। घोटाले में शामिल होने के कारण जेल जा चुका सिकंदर 2012 में बिहार एसएससी परीक्षा पास करने से पहले रांची में ठेकेदार के तौर पर काम करता था और जूनियर इंजीनियर बन गया था। उसका बेटा और बेटी दोनों ही मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं और उसका दामाद पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहा है। सिकंदर 3 करोड़ रुपये के एलईडी घोटाले में भी फंसा है, जिसके लिए उसे जेल भी जाना पड़ा। आरोपियों ने कबूल किया है कि 5 मई को होने वाली परीक्षा का पेपर 4 मई को लीक हो गया था, जिसमें उम्मीदवारों से 30 लाख से 32 लाख  रुपये तक वसूले गए थे। ईओयू ने माफिया को जारी किए गए छह पोस्ट-डेटेड चेक जब्त कर लिए हैं और अब इस व्यापक धोखाधड़ी में शामिल खाताधारकों की जांच कर रहा है।