सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जानें किसने क्या कहा

मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन फैसले में कई विरोधाभास है, लिहाजा हम फैसले से संतुष्ट नहीं है।

Written by: November 9, 2019 11:45 am

नई दिल्ली। काफी सालों से चले आ रहे अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है और अब ये साफ हो गया कि विवादित स्थल पर रामलला का हक है और मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को किसी और जगह जमीन उपल्बध कराई जाएगी।

Ayodhya- supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि केंद्र सरकार तीन महीने में स्कीम लाए और ट्रस्ट बनाए। यह ट्रस्ट राम मंदिर का निर्माण करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा है कि विवादित जमीन पर रामजन्मभूमि न्यास का हक है। जबकि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन किसी दूसरी जगह दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि केंद्र या राज्य सरकार अयोध्या में उचित स्थान पर मस्जिद बनाने को जमीन दे।

ayodhya

मुस्लिम पक्ष फैसले से संतुष्ट नहीं

Ayodhya land case

मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन फैसले में कई विरोधाभास है, लिहाजा हम फैसले से संतुष्ट नहीं है।


उन्होंने कहा कि हम फैसले का मूल्यांकन करेंगे और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेंगे।

निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट का जताया आभार


निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा ने कहा कि, निर्मोही अखाड़ा आभारी है कि SC ने पिछले 150 वर्षों की हमारी लड़ाई को मान्यता दी है और श्री राम जन्मस्थान मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्थापित किए जाने वाले ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है।

इकबाल अंसारी ने दिया ये बयान


इकबाल अंसारी, अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकार ने कहा कि, मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार फैसला सुनाया, मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं।


AyodhyaVerdict पर कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, हम राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं। इस फैसले से न केवल मंदिर के निर्माण के लिए दरवाजे खोले बल्कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए भाजपा और अन्य लोगों के लिए दरवाजे भी बंद कर दिए।

अमित शाह का ट्वीट

Amit Shah

अयोध्या फैसले पर गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि, श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मैं स्वागत करता हूँ। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूँ कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें।

उन्होंने आगे कहा कि, पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा है। यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा। दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस कानूनी विवाद को आज इस निर्णय से अंतिम रूप मिला है। मैं भारत की न्याय प्रणाली व सभी न्यायमूर्तियों का अभिनन्दन करता हूँ।

amit shah tweet

अमित शाह ने आगे कहा, श्री राम जन्मभूमि कानूनी विवाद के लिए प्रयासरत; सभी संस्थाएं, पूरे देश का संत समाज और अनगिनत अज्ञात लोगों जिन्होंने इतने वर्षों तक इसके प्रयास किया मैं उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।

फैसले पर कांग्रेस कार्यसमिति का बयान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करती है। हम सभी संबंधित पक्षों व सभी समुदायों से निवेदन करते हैं कि भारत के संविधान में स्थापित ‘‘सर्वधर्म सम्भाव:’’ तथा भाईचारे के उच्च मूल्यों को निभाते हुए अमन-चैन का वातावरण बनाए रखें। हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि हम सब देश की सदियों पुरानी परस्पर सम्मान और एकता की संस्कृति व परंपरा को जीवंत रखें।

बाबा रामदेव का बयानbaba ramdev

सुप्रीम कोर्ट में ना किसी की हार और ना किसी की जीत सत्य के आधार पर कोर्ट ने फैसला ही नहीं दिया है एक बहुत बड़ा निर्णय न्याय दिया है। भगवान राम का वनवास अब खत्म हुआ है अब अयोध्या में भव्य तरीके का राम मंदिर बनेगा राम मंदिर के बनने के साथ-साथ मुस्लिम पक्ष की भावनाओं का ख्याल रखते हुए उन्हें एक वैकल्पिक भूमि दी गई है इससे श्रेष्ठ इतिहासिक सामाजिक सद्भावना और प्रेम वाला दूसरा फैसला हो नहीं सकता था। इसका हम स्वागत करते हैं।

अयोध्या फैसले पर राजनाथ, केजरीवाल ने की सौहार्द बनाए रखने की अपील

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुना दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता से सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने की अपील की है। राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “अयोध्या पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय ऐतिहासिक है। इस फैसले से भारत का सामाजिक तानाबाना और मजबूत होगा।”


उन्होंने आगे कहा, “मैं सभी लोगों से इस फैसले को समानता और उदारता से स्वीकार करने का आग्रह करता हूं। ऐतिहासिक फैसले के बाद मैं लोगों से शांति और सामंजस्य कायम रखने की अपील करता हूं।”

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने ट्वीट कर कहा, “संयम, शांति, सौहार्द, सांप्रदायिक-एकता एवं समन्वय ही धर्म का वास्तविक स्वरूप है। राम साक्षात धर्म विग्रह हैं। इसलिए हम परस्पर प्रीति एवं एकात्मता के दिव्य भाव में स्थिर रहें। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय से अभिभूत हैं।”


अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, “सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ के पांचों जजों ने एकमत से आज अपना निर्णय दिया। हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। कई दशकों के विवाद पर आज कोर्ट ने निर्णय दिया। वर्षो पुराना विवाद आज खत्म हुआ। मेरी सभी लोगों से अपील है कि शांति एवं सौहार्द बनाए रखें।”

अयोध्या मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करें : कमलनाथ

अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेशवासियों से फैसले का सम्मान और आदर करने की अपील की है। उन्होंने साथ ही अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्वों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की एक संविधान पीठ द्वारा अयोध्या भूमि विवाद मामले पर फैसला सुनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया, “अयोध्या मामले पर फैसला आ चुका है। एक बार फिर आपसे अपील करता हूं कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले का हम सभी मिलजुलकर सम्मान व आदर करें। किसी प्रकार के उत्साह, जश्न व विरोध का हिस्सा न बने। अफवाहों से सावधान व सजग रहें। किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं।”


उन्होंने आपसी भाईचारा कायम रखने की अपील करते हुए कहा, “आपसी भाईचारा, संयम, अमन-चैन, शांति, सद्भाव व सौहाद्र्र बनाए रखने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। सरकार प्रदेश के हर नागरिक के साथ खड़ी है। कानून-व्यवस्था व अमन-चैन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।”


मुख्यमंत्री ने शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा, “पूरे प्रदेश में पुलिस प्रशासन को ऐसे तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश पहले से ही दिए जा चुके हैं। यह प्रदेश हमारा है, हम सभी का है, कुछ भी हो हमारा प्रेम, हमारी मोहब्बत, हमारा भाईचारा, हमारा आपसी सौहार्द्र खराब न हो, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। आज आवश्यकता है अमन व मोहब्बत के पैगाम को सभी तक फैलाएं, नफरत व वैमनस्य को परास्त करें।”


श्री श्री रविशंकर- यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, मैं इसका स्वागत करता हूं। यह मामला लंबे समय से चल रहा था और आखिरकार यह एक निष्कर्ष पर पहुंच गया है। समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखा जाना चाहिए


कमाल फारुकी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि, इसके बदले हमे 100 एकड़ ज़मीन भी दे देने से कोई फ़ायदा नहीं है। हमारी 67 एकड़ ज़मीन कब्जे में कर लिया है और हमको दान दे रहे हैं ? 5 एकड़ जमीन दे रहे हैं। ये काहे का इंसाफ है?

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को गंभीरता और धैर्य से स्वीकारें : सिंधिया

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभी से अयोध्या भूमि विवाद मामले पर आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को पूरी गंभीरता और धैर्य से स्वीकारने की अपील की है।


सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद सिंधिया ने ट्वीट किया, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं। सभी को इस फैसले को पूरी गंभीरता और धैर्य से स्वीकार करना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “हम सब की जिम्मेदारी है कि इस फैसले के बाद आपसी सौहार्द, भाईचारे और अमन चैन की नींव पर मजबूती से खड़े हमारे देश में शांति और सद्भाव कायम रहे। हम सब मिलकर एक-दूसरे का हाथ थामकर प्रेम और परस्पर विश्वास की भावना से देश को आगे बढ़ाएं।”

शिवराज ने सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने की अपील की

अयोध्या भूमि विवाद को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश और प्रदेशवासियों से आपसी सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम सभी सम्मान करें, आदर करें और स्वागत करें। किसी की हार नहीं हुई है। हमारा देश अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक राष्ट्र है। हमारे देश ने सदैव दुनिया को शांति का संदेश दिया है। मैं सभी देश और प्रदेशवासियों से अपील करता हूं कि आपस में एकता, प्रेम, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखें।”


उन्होंने प्रदेश को शांति का टापू बताते हुए कहा, “हमारा मध्य प्रदेश शांति का टापू है और इसे शांति का टापू बनाए रखें।”

अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सभी स्वीकारें : नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अयोध्या भूमि विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को स्पष्ट और एकमत से लिया गया फैसला बताते हुए शनिवार को कहा कि इस फैसले को सबको सम्मानपूर्वक स्वीकार करना चाहिए। नीतीश ने यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि “सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या मामले पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए। इससे सदभावना का वातावरण बनेगा।”Nitish Kumar

उन्होंने कहा, “जो भी आज सर्वोच्च न्यायालय का फैसला है, वह स्पष्ट फैसला है, एकमत से फैसला है। अदालत ने सारी बातें कहीं हैं। उन्होंने कुछ सरकार को जिम्मेदारी दी है। इस फैसले को हर पक्ष को सुनने के बाद हम सबको, पूरे देश को, लोगों को अच्छी तरह, सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए। आगे इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। यह मेरा व्यक्तिगत रूप से सभी लोगों से आग्रह है।”

उम्मीद है, सरकार अयोध्या में अब भव्य राम मंदिर बनाएगी : तोगड़िया

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व नेता प्रवीण तोगड़िया ने शनिवार को अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि सरकार अब अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण करेगी। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद (अहिप) के संस्थापक अध्यक्ष तोगड़िया ने कहा, “हिंदू 450 सालों से ज्यादा समय से भगवान राम के जन्मस्थान पर राम मंदिर के निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए लाखों हिंदुओं ने अपने जीवन, करियर और परिवारों का बलिदान किया है।”Praveen togadiya

उन्होंने कहा, “आज, माननीय सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम मंदिर के लिए वही जमीन दी, जो इन बलिदानों को श्रद्धांजलि है। अब केंद्र सरकार भी सभी हिंदुओं के बलिदान, योगदान का सम्मान करते हुए भव्य मंदिर बनाएगी, ऐसा विश्वास है। सभी से आह्वान है कि शांति और सौहार्द बनाए रखें।”

फैसले के बाद बोले सुब्रमण्यम स्वामी अशोक सिंघल को भारतरत्न दें

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुना दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र सरकार से विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारतरत्न देने की मांग की। सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया, “जीत के इस मौके पर श्री अशोक सिंघल को याद करें। नमो (नरेंद्र मोदी) सरकार को तत्काल उन्हें भारतरत्न देने की घोषणा कर देनी चाहिए।”Subramanian Swamy

उन्होंने कहा, “भगवान ने जब मंदिर के पुनर्निर्माण की शुरुआत चाही, तभी यह फैसला दिया जा रहा है। जय श्री राम।”

अब भव्य मंदिर का निर्माण होगा : नृत्य गोपाल दास

राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष और मणि रामदास जी छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास ने अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में अब एक भव्य राम मंदिर बनाएंगे। नृत्य गोपाल दास ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “कोर्ट ने एक बहुत पुराने विवाद का निपटारा करा दिया है। उनके इस निर्णय हम खुश हैं। अब अयोध्या में भव्य रामंदिर का निर्माण होगा।”

उन्होंने मस्जिद के लिए अलग से जमीन दिए जाने को सही कदम करार दिया। दास ने कहा कि “अयोध्या के लोग शांति चाहते हैं। सौहार्द्र के साथ रहते आए हैं और जो फैसला आया है, उसे भी पूरे मन से स्वीकार करते हैं।”

सभी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करें : आरिफ मोहम्मद खानArif Mohammad Khan, Governor Kerala

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार को कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करने के लिए सभी बाध्य हैं। उन्होंने कहा, “अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान और इसे स्वीकार करना चाहिए।”

कांग्रेस ने अयोध्या फैसले का स्वागत किया, शांति की अपील की

कांग्रेस कार्यकारिणी (सीडब्ल्यूसी) ने शनिवार को कहा कि वह अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है और सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करती है। सीडब्ल्यूसी ने एक बयान में कहा कि “यह हममें से हर किसी की जिम्मेदारी है कि हम उन सभी के बीच आपसी सम्मान और एकता की परंपरा को कायम रखें, जिन्होंने युगों से हमारे समाज को परिभाषित किया है।”


बयान में कहा गया है, “हम सभी पक्षों और सभी समुदायों से अपील करते हैं कि वे हमारे संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और भाईचारे की भावना का पालन करें और शांति और सद्भाव बनाए रखें।”

अयोध्या फैसले का तेजस्वी, चिराग ने स्वागत किया

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम सभी सम्मान करते हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सभी को न्याय मिला है। तेजस्वी ने कहा, “देश में हर मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे अपने हैं। सब हमारे थे, हैं और रहेंगे। अब राजनीतिक दलों और सरकारों का ध्यान अच्छे स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अस्पताल बनाने, किसानों के कल्याण, गरीबों के उत्थान एवं युवाओं को रोजगार दिलाने पर होना चाहिए।”


उन्होंने कहा कि “सभी को इस फैसले का इंतजार था। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम सभी सम्मान करते हैं।”


लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा माना है कि भगवान राम जन्म भूमि पर सर्वोच्च न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, वह हमें स्वीकार होगा।


उन्होंने ट्वीट किया, “अब देश में विकास के अतिरिक्त कोई और मुद्दा चर्चा के लिए शेष नहीं है। विकास के ऊपर चर्चा से देश आगे बढ़ेगा और उन्नति करेगा। लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।”


सर्वोच्च न्ययायालय को इस ऐतिहासिक फैसले के लिए बधाई देते हुए चिराग ने कहा, “इस फैसले की संवेदनशीलता को समझते हुए सभी पक्षों के साथ न्याय किया गया है।”

हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए : अशोक गहलोत

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का लंबे समय से प्रतीक्षित फैसला आखिरकार आ ही गया और हमें चाहिए कि इस निर्णय का सम्मान करें। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने यहां कहा, “अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का लंबे समय से प्रतीक्षित फैसला आ गया है और हम सभी को चाहिए कि हम इस निर्णय का सम्मान करें। कांग्रेस अदालत के फैसले का सम्मान करती है।”

अयोध्या मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान चाहती रही कांग्रेस : राजीव शुक्ला

Rajeev-Shukla

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने शनिवार को अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कभी भी श्रेय लेने की दौड़ में नहीं रही, क्योंकि वह इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान चाहती थी। शुक्ला ने आईएएनएस को बताया, “कांग्रेस श्रेय लेने या बदनाम करने की लड़ाई में नहीं है। कांग्रेस हमेशा सौहार्दपूर्ण समाधान चाहती थी और आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और इसका समाधान किया।”