अमेरिकी अखबार में लेख लिखकर पीएम मोदी ने देश और दुनिया को बताया गांधी की जरूरत

लेख में पीएम मोदी ने कहा है, ‘’मार्टिन लूथर किंग भारत को किसी धार्मिक स्थल जैसा मानते थे, क्योंकि वह गांधी से काफी प्रभावित थे।’’ पीएम मोदी ने कहा, ‘’बापू के पास सामान्य सी चीजों के साथ बड़े स्तर पर लोगों को जागरूक करने की क्षमता थी।

Avatar Written by: October 2, 2019 4:50 pm

नई दिल्ली। आज देश और दुनिया महात्मा गांधी की 150वीं जंयती मना रहा है और लोग आज महात्मा गांधी के सिद्धांतों और विचारों को याद कर रहे हैं। पीएम मोदी ने अमेरिकी अखबर न्यूयॉर्क टाइम्स में एक लेख लिखा है और उन्होंने देश और दुनिया को बताया है कि गांधी की कितनी जरूरत है।

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पीएम मोदी ने अपने लेख की शुरूआत नागरिक अधिकार आंदोलन के महान नेता मार्टिन लूथर किंग के एक कथन से की है। मार्टिन लूथर किंग ने महात्मा गांधी को लेकर एक बार कहा था, ‘’अन्य देशों में मैं एक पर्यटक के रूप में जा सकता हूं, लेकिन भारत में मैं एक तीर्थयात्री के रूप में आता हूं।’’ पीएम मोदी ने इस लेख में बताया है कि क्यों भारत और दुनिया को गांधी की जरूरत है।

लेख में पीएम मोदी ने कहा है, ‘’मार्टिन लूथर किंग भारत को किसी धार्मिक स्थल जैसा मानते थे, क्योंकि वह गांधी से काफी प्रभावित थे।’’ पीएम मोदी ने कहा, ‘’बापू के पास सामान्य सी चीजों के साथ बड़े स्तर पर लोगों को जागरूक करने की क्षमता थी। वर्ना कौन चरखा, खादी को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रतीक बना सकता है ?’’

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पीएम मोदी ने आगे लिखा, ‘’चुटकीभर नमक के दमपर बड़ा आंदोलन खड़ा करने की ताकत गांधी में ही थी। भारत में स्वतंत्रता के लिए कई आंदोलन हुए, लेकिन इन सभी में बापू का संघर्ष सबसे अलग था।’’ उन्होंने कहा, ‘’गांधी का जन्म भले ही भारत में हुआ हो, लेकिन उनके विचार का असर पूरी दुनिया में दिखता है।’’

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मोदी ने कहा कि गांधी जी के पास हर चीज़ का समाधान था, हमें रास्ता दिखाने के लिए गांधी सबसे बेस्ट टीचर हैं। उन्होंने कहा, ‘’मानवता, सतत विकास हो या आर्थिक आत्मनिर्भरता, महात्मा गांधी के पास सबके लिए समाधान थे। भारत गांधी के सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।’’

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पीएम मोदी ने अपने लेख के आखिर में कहा, ‘’ आइए हम अपनी दुनिया को समृद्ध बनाने के लिए, नफरत, हिंसा और पीड़ा से मुक्त बनाने के लिए, कंधे से कंधा मिलाकर काम करें।’’ मोदी ने अपना लेख महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के एक कथन के साथ खत्म किया। अल्बर्ट आइंस्टीन ने गांधी को लेकर कहा था, ‘’आने वाली पीढ़ियां इस बात पर मुश्किल से विश्वास करेंगी कि कभी हाडमांस और ख़ून वाला कोई ऐसा शख्स इस धरती पर चलता था।”