विपक्षी एकता को झटका, जगन रेड्डी ने शरद पवार का नहीं उठाया फोन

लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले विपक्ष सारे हथकंडे अपना लेना चाहता है। एक ओर वीवीपैट को लेकर बवाल मचाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर नायडू पूरे विपक्ष को एकजुट करने में जुटे हैं। चूंकि 23 मई को नतीजे घोषित होने हैं, जिसमें महज दो दिन बचे हैं। लगभग सभी एग्जिट पोल में बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए को बहुमत मिलने की बात कही जा रही है।

Written by: May 21, 2019 2:51 pm

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले विपक्ष सारे हथकंडे अपना लेना चाहता है। एक ओर वीवीपैट को लेकर बवाल मचाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर नायडू पूरे विपक्ष को एकजुट करने में जुटे हैं। चूंकि 23 मई को नतीजे घोषित होने हैं, जिसमें महज दो दिन बचे हैं। लगभग सभी एग्जिट पोल में बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए को बहुमत मिलने की बात कही जा रही है।

विपक्षी एकजुटता को लेकर जब यूपीए की तरफ से जब वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख वाई एस जगनमोहन रेड्डी से एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। जगनमोहन रेड्डी 23 मई तक नतीजे आने का इंतजार कर रहे हैं। तब तक उन्होंने सभी विकल्प को खुला रखा है।

बता दें कि विपक्ष को आशंका है कि इस बार किसी को भी बहुमत नहीं मिलेगा। ऐसे में जो त्रिशंकु सरकार बनेगी उसमें वाईएसआर कांग्रेस की भूमिका किंगमेकर की होगी। इसका आभास कांग्रेस समेत यूपीए के अन्य दलों को भी हो चुका है।

N Chandrababu Naidu

ऐसा इसलिए क्योंकि एग्जिट पोल में वाईएसआर कांग्रेस की तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) से ज्यादा सीटों पर जीत की आशंका जताई गई है। वहीं टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू भी विपक्ष खेमे को एकजूट करने में लगे हुए हैं। लेकिन यूपीए सिर्फ उनके भरोसे नहीं बैठना चाहता इसलिए जगनमोहन रेड्डी को अपने पाले में लाने की कोशिश की जा रही है।

Sharad Pawar, NCP chief

बता दें कि आंध्र प्रदेश में जगनमोहन रेड्डी और चंद्रबाबू नायडू एक दुसरे के प्रतिद्वंदी हैं। कांग्रेस चंद्रबाबू नायडू को नाराज नहीं करना चाहती थी इसलिए बातचीत का जिम्मा शरद पवार को सौंपा गया।