कौन है ये ‘गोपाल चावला’, जिसके सिद्धू और बाजवा के साथ फोटो खिंचाने से भारत में बवाल

नई दिल्ली। पाकिस्तान में करतारपुर साहिब कॉरिडोर निर्माण के लिए हुए कार्यक्रम में दो तस्वीरों को लेकर जबरदस्त बवाल मचा है। बता दें कि पहली तस्वीर में पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से खालिस्तानी आंदोलन से ताल्लुक रखने वाला ‘गोपाल चावला’ हाथ मिला रहा है, तो वहीं दूसरी तस्वीर में ‘गोपाल चावला’ कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के साथ दिखाई दे रहा है।

दोनों तस्वीरों में एक बात समान है कि गोपाल चावला इनमें मौजूद है, जहां एक तरफ चावला के साथ सिद्धू की तस्वीर पर भारत में सियासी घमासान मच गया है वहीं पाक सेना प्रमुख के साथ चावला की जो तस्वीरें हैं, उससे पाकिस्तान की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।

सिद्धू के साथ चावला की तस्वीर पर अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कड़ी आपत्ति जताई है और पंजाब के सीएम से मांग की है कि सिद्धू को बर्खास्त किया जाए। जाहिर है कि पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह की नाराजगी के बावजूद सिद्धू पाकिस्तान गए थे।

कौन है ये गोपाल चावला, जिसने बढ़ाया सियासी पारा

बता दें कि गोपाल चावला उर्फ गोपी को कुख्यात आतंकी और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी माना जाता है, पाक में कई बार हाफिज सईद के साथ गोपाल को देखा गया है। गोपाल भी अक्सर हाफिज की ही तरह भारत के खिलाफ जहरीली बयानबाजी करता है। गोपाल चावला खालिस्तान समर्थक है जिसने अगस्त 2017 में पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने की बात कही थी और इसके लिए उसने मिल्ली मुस्लिम लीग जैसे संगठन की मदद लेने की वकालत की थी। बता दें कि मिल्ली मुस्लिम लीग आतंकी हाफिज सईद का ही संगठन है।चावला सोशल मीडिया पर भी भारत के खिलाफ जहर उगलता है और ऐसी तस्वीरों को वायरल भी करता है। पंजाब के गुरुदासपुर के दीनानगर पुलिस स्टेशन में 2015 में जो आतंकी हमला हुआ था उससे पहले चावला ने हाफिज सईद के साथ मंच साझा किया था।

गोपाल चावला पाकिस्तान में ही रहता है लेकिन पाकिस्तान सरकार इस बात को कभी खुलकर स्वीकार नहीं करती। चावला पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का महासचिव है। 21 और 22 नवंबर को गुरुद्वारे में भारतीय अधिकारियों के साथ बदसलूकी में भी चावला का नाम सामने आया था।मीडिया रिपोर्ट में कई बार दावा किया गया है कि गोपाल सिंह चावला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर पंजाब में आतंक फैलाने की योजना बना रहा है। इसी कारण करतारपुर साहिब कॉरिडोर खुलने पर सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि इस मार्ग का दुरुपयोग न हो क्योंकि पाकिस्तान में खालिस्तानी समर्थकों की संख्या ज्यादा है और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी उन्हें बढ़ावा दे रही है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खालिस्तानी समर्थक पंजाब के लोगों को भड़काने की कोशिश कर सकते हैं और इस मार्ग का प्रयोग नशीली दवाओं की तस्करी में भी कर सकते हैं।

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