ममता के लिए बदले सुर, कोलकाता रैली में केसीआर नहीं होंगे शामिल, ये है वजह

Written by Newsroom Staff January 11, 2019 8:00 am

नई दिल्ली। तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति सुप्रीमो चंद्रशेखर राव के सुर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए बदल गए हैं। माना जा रहा है कि केसीआर आगामी 19 जनवरी को कोलकाता में महागठबंधन की ओर से आहूत रैली में शामिल नहीं होंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अखिलेश यादव और चंद्रबाबू नायडू तक के शामिल होने की संभावना है। वहीं ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस के चलते तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव मंच साझा नहीं करेंगे। ऐसे में वो शामिल नहीं होंगे।

दरअसल तेलंगाना के सीएम केसीआर गैर कांग्रेस-गैर बीजेपी दलों के साथ फेडरल फ्रंट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पश्चिम बंगाल जाकर ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। ऐसे में अब ममता विपक्षी दलों को एकजुट कर बीजेपी को अपनी ताकत का एहसास करना चाहती हैं तो केसीआर उसमें शामिल नहीं हो रहे हैं। इसे ममता के लिए झटका माना जा रहा है।

लोकसभा में टीआरएस के उप नेता बी विनोद कुमार ने साफ किया कि इस रैली में केसीआर का शामिल होना मुश्किल है। जब कुमार से पूछा गया कि क्या रैली में शामिल होने के लिए केसीआर को न्यौता मिला है? इस पर बिना सीधा जवाब दिए उन्होंने कहा कि अगर न्यौता मिले तो भी केसीआर इस रैली में शामिल नहीं होंगे।

केसीआर के शामिल न होने के पीछे उनके अपने राजनीतिक समीकरण हैं। ममता के मंच पर ऐसे राजनीतिक दल एकजुट हो रहे हैं, जिनसे केसीआर का 36 का आंकड़ा है। इसमें कांग्रेस और टीडीपी मुख्य रूप से हैं। तेलंगाना में टीआरएस के खिलाफ कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल हैं।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस टीडीपी के साथ मिलकर केसीआर के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरी थी, लेकिन वह जीत नहीं सकी थी। टीआरएस 119 सदस्यीय तेलंगाना विधानसभा की 88 सीटें जीतकर पिछले महीने फिर से सत्ता में आई और कांग्रेस 19 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। ऐसे में केसीआर किसी भी सूरत में अपने आपको कांग्रेस से अलग दिखाना चाहते हैं। इसी वजह से ममता की रैली में शामिल न होने की मुख्य वजह मानी जा रही है।

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