इलाहाबाद पर वर्ल्ड मीडिया: ब्रिटेन से लेकर अरब तक के अख़बारों ने क्या लिखा ?

Avatar Written by: October 17, 2018 1:00 pm

नई दिल्ली। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद का नाम बदलने पर कहा कि 500 साल पूर्व इलाहाबाद का नाम प्रयाग ही था। त्रिवेणी का संगम होने के कारण यह प्रयागराज हुआ। सरकार के इस फैसले को कई तरह से देखा जा रहा है, राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की मीम सामने आ रहे हैं। शहर का नाम बदलने की ये खबर दुनियाभर की अखबारों, वेबसाइटों पर भी छाई रही।Yogi Adityanathदुनिया के कई मुख्य अखबारों ने इस खबर को इस तरह से लिखा है कि हिंदुत्ववादी सरकार ने शहर के मुस्लिम नाम को बदल दिया। कई अखबारों ने इसकी आलोचना भी की है और भारतीय जनता पार्टी, योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है।

> The Guardian (ब्रिटिश अखबार)

द गार्जियन की ओर से लिखा गया है कि राज्य की हिंदुत्ववादी सरकार ने शहर का नाम इस वजह से बदल दिया क्योंकि ये मुस्लिम नाम था। और इसे मुसलमान शासक द्वारा ही दिया गया था।

> Gulf Times ( कतर)

गल्फ टाइम्स ने इस खबर को भी आक्रामक तरीके से पेश किया है। अखबार ने लोगों के मिठाई बांटते हुए फोटो भी लगाई है। साथ ही उन्होंने ये भी लिखा है कि अगले साल होने वाले कुंभ से पहले ये फैसला बड़ा माना जा रहा है।

> Daily Pakistan (पाकिस्तान)

पाकिस्तानी अखबार डेली पाकिस्तान की तरफ से सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लिया गया है। जिसमें कहा गया है कि हिंदुत्ववादी पार्टी BJP की सरकार ने मुस्लिम नाम को बदलकर संस्कृत में शहर का नाम रखा है।

> Independent (ब्रिटेन)

मशहूर अखबार इंडिपेंडेंट ने भी इस खबर को खासी तवज्जो देते हुए लिखा है कि हिंदू राष्ट्रवादियों की सरकार ने शहर का इस्लामिक नाम बदलकर उसे संस्कृत नाम दिया।

अकबर ने बदला था नाम

दरअसल, पुराणों में इलाहाबाद का नाम प्रयागराज ही था, लेकिन अकबर के शासनकाल में इसे बदलकर इलाहाबाद कर दिया गया था। इतिहासकार बताते हैं कि अकबरनामा और आईने अकबरी व अन्य मुगलकालीन ऐतिहासिक पुस्तकों से ज्ञात होता है कि अकबर ने सन 1574 के आसपास प्रयागराज में किले की नींव रखी थी।