यूपी उपचुनावों को लेकर बरखा दत्त अपनी ख़ुशी ढंग से जाहिर भी ना कर पाई थी कि जनता ने…

Written by: March 14, 2018 7:52 pm

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में हाल ही में दो लोकसभा सीटों फूलपुर और गोरखपुर में संपन्न उपचुनाव में आज नतीजे जारी हो गए। इन दोनों जगहों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। नतीजे आने के बाद से एक तरफ जहां सभी विपक्षी राजनीतिक दल इस पर भाजपा की हंसी उड़ाने में लगे हुए हैं। वहीं कुछ ऐसे पत्रकार भी इस मौके को भुनाने में लग गए हैं जो पहले से हीं भाजपा सरकार को लेकर अपनी नाक-भौंह सिकोड़ते रहते हैं।

ये वामपंथी विचाराधारा के पत्रकार लगातार भाजपा विरोधी बयानों को देकर अपने-आप को सुर्खियों में बनाए रखना चाहते हैं। भाजपा का विरोध करना इन्होंने अपना फैशन बना लिया है। ऐसे में आज के नतीजे इनके लिए संजीवनी से कम नहीं है। ऐसे ही भाजपा विरोध पत्रकारों में से एक नाम है बरखा दत्त का। मोदी सरकार के गठन के बाद से हीं बरखा लगातार भाजपा को अपने बयानों के जरिए निशाने पर लेती रही हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों से बरखा दत्त पत्रकारिता की मुख्यधारा से गायब ही नजर आ रही हैं। लेकिन आज भाजपा की इन दोनों सीटों पर हार के बाद उनको भी सुर्खियों में आने का मौका मिल गया है।

बरखा दत्त को भाजपा के अंधविरोध की वजह से कई बार सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से का सामना भी करना पड़ता है लेकिन वह अपनी योजना को इसके बाद भी कामयाब बनाने की हरसंभव कोशिश में लगी रहती हैं।

इसी तरह यूपी के फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद बरखा दत्त ने एक बार फिर से भाजपा को अपने निशाने पर लेने की कोशिश की। उन्होंने अपने ट्वीट के जरिए लिखा कि गोरखपुर और फूलपुर में सभी बाधाओं को खारिज करते हुए जीत के लिए अखिलेश यादव और मायावती को बधाई जिन्होंने अपने सिद्धांतों को अलग रखकर यह जीत हासिल की। भाजपा को यूपी में उन सीटों पर से उखाड़ फेंका जो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की सीटें थीं। इससे साफ हो गया है कि 1) जाति हिंदुत्व को बिगड़ती है। 2) योगी का उत्साह इससे कम हुआ। 3) भारतीय लोग शक्ति को परखते और उसका संतुलन करते हैं।

बरखा ने अपनी इस खुशी को सोशल मीडिया के जरिए जाहिर हीं किया था कि लोगों ने जमकर सोशल मीडिया पर उनके इस बयान पर चुटकी लेनी शुरू कर दी।