कमलनाथ ने कांग्रेस नेताओं को दी नसीहत- ‘किसी भी धर्म-जाति पर कोई टिप्पणी न करें’

Written by: November 16, 2018 1:22 pm

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने मैनिफेस्टो में  संघ की शाखाओं पर बैन लगाने के मामले में मचे बवाल के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ लगता है कि अब डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। दरअसल मुद्दों से दूर हो रही राजनीति के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने कार्यकर्ताओं के नाम एक चिट्ठी लिखी है।

Congress Leader kamalnath singh

कमलनाथ ने इस चिट्ठी में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से धर्म आधारित टिप्पणियां प्रचार-प्रसार से दूर रहने की बात कही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की चिट्ठी सामने आते ही वायरल हो रही है।

कमलनाथ की चिट्ठी में लिखा है कि कांग्रेस नेता धार्मिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेसी टिप्पणी ना करें। न्यायालय में लंबित मामलों पर टिप्पणी से बचें। इसके अलावा प्रतिद्वंद्वी नेताओं पर अपमानजनक टिप्पणी से भी परहेज़ करें, बिना प्रमाण आरोप ना लगाएं।

कमलनाथ ने चिट्ठी में यह भी लिखा है कि कांग्रेस भारतीय संविधान, सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग निर्देशों का पालन करती है और मुझे आशा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन निर्देशों का पूरी तरह पालन करेंगे।

कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं के नाम लिखी चिट्ठी में बीजेपी पर चुनाव के पहले सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस की मीडिया सेल के चेयरमैन शोभा ओझा की मानें तो बीजेपी बांटने की राजनीति करना चाहती है मंदिर, मस्जिद की राजनीति करना चाहती है क्योंकि उनके पास गिनाने के लिए कुछ नहीं है। यही कारण है कि हम हमारे कार्यकर्ताओं को सजग रहने के लिए कहना पड़ रह है।

हालांकि इस चिट्ठी पर अभी तक किसी भी कांग्रेस नेता का बयान सामने नहीं आया है। यह चिट्ठी दिवाली की बताई जा रही है।

बता दें कि मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं। इन 230 सीटों में 35 सीट अनुसूचित जाति और 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कुल पांच करोड़ तीन लाख 34 हजार दो सौ साठ मतदाता हैं जो अलग-अलग दलों के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।