बुलंदशहर हिंसाः सीएम योगी ने घटना को बताया षड्यंत्र का हिस्सा, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देष

Avatar Written by: December 5, 2018 11:20 am

नई दिल्ली।  उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में हुई हिंसा की घटना और लखनऊ में बीजेपी नेता की हत्या पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी नाराजगी जताई है। सीएम योगी ने बुलंदशहर हिंसा को लेकर मुख्य सचिव, डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, अपर पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस से घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी है।

आधी रात तक कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने बुलंदशहर की हिंसा बुलंदशहर की हिंसा व आगजनी को एक गहरी साजिश का हिस्सा करार देते हुए ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं गोकशी करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बुलंदशहर में मारे गए सुमित चौधरी और लखनऊ में मारे गए भाजपा नेता प्रत्युष मणि त्रिपाठी के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री के रुख के मद्देनज़र माना जा रहा है कि इंटेलीजेंस के एडीजी की रिपोर्ट आने के बाद बुलंदशहर के एसपी को हटाया जा सकता है।

बुलंदशहर कांड व लखनऊ में भाजपा नेता प्रत्यूष मणि त्रिपाठी की हत्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार रात कड़ी नाराजगी जताई। योगी ने कहा कि बुलंदशहर की घटना की पूरी गंभीरता से जांच कर गोकशी में संलिप्त सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। यह घटना एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है। लिहाजा गोकशी से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाये। ।

मुख्यमंत्री ने बैठक में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिंसा फैलाने वालों से कड़ाई से निपटा जाए। अगर किसी जिले में हिंसा होती है तो अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। उन्होंने बुलंदशहर की घटना को षड्यंत्र करार दिया। बैठक के दौरान सवाल उठा कि आखिर कैसे बुलंदशहर में ही ऐसी घटना हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अचानक नहीं हुई। आखिर यह बवाल उसी शहर में क्यों हुआ जहां एक बड़ा समारोह हो रहा था। मुख्यमंत्री आला पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बुलंदशहर में गोकशी कब से चल रही थी। यह सब कुछ अचानक तो हुआ नहीं।