(VIDEO) बुलंदशहर हिंसा: चश्मदीद ने किया बड़ा खुलासा, कहा- मेरे सामने मारी थी इंस्पेक्टर सुबोध को गोली

Written by: December 29, 2018 1:32 pm

नई दिल्ली। बुलंदशहर में 3 दिसंबर को हुई हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं अब इस हिंसा का चश्मदीद का गवाह सामने आया है। चश्मदीद ने उस दिन क्या-क्या हुआ उसका पूरा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। बुलंदशहर हिंसा के चश्मदीद गवाह मुकेश ने बताया है कि इंस्पेक्टर सुबोध ने सुमित को गोली मारी थी और फिर प्रशांत ने इंस्पेक्टर सुबोध को उसके सामने गोली मारी थी।

बता दें, स्याना के चिंगरावठी गांव निवासी मुकेश कुमार पुत्र सूरज सिंह को पुलिस हिंसा का मुख्य चश्मदीद गवाह बता रही है। पुलिस ने शुक्रावार को चश्मदीद गवाह मुकेश को जिला न्यायालय में मीडिया से मुखातिब कराया। चश्मदीद मुकेश ने मीडिया को 3 दिसंबर को हुई घटना के बारे में जानकारी दी।

बुलंदशहर हिंसाः सुनिए क्या कहा इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या देखने वाले मुकेश ने

बुलंदशहर हिंसाः सुनिए क्या कहा इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या देखने वाले मुकेश ने

Posted by Newsroom Post on 2018 m. gruodžio 28 d., penktadienis

उसने बताया है कि जब गोमांस मिलने के बाद जब वहां बवाल हुआ तो वो मौके पर सब कुछ देख रहा था। मुकेश ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जब वहां पथराव हुआ तो इंस्पेक्टर को एक पत्थर लगा। इसके बाद स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने वो पत्थर भीड़ की तरफ फेंक दिया।

मुकेश का कहना है कि इसी दौरान इंस्पेक्टर ने पत्थरबाजों के साथ चिंगरावटी के नौजवान सुमित को पत्थर मारता देख उसे गोली मार दी, जिससे सुमित वहीं गिर गया। इसके बाद तनाव और बढ़ा तो पत्थरबाजी भी बढ़ गई। मुकेश ने बताया है कि इसी बीच इंस्पेक्टर की तरफ पत्थरबाजों ने कई और पत्थर चलाए, जिससे सुबोध कुमार चोटिल हो गए। तभी भीड़ में शामिल प्रशांत नट ने इंस्पेक्टर से उनकी पिस्टल छीन ली और उन्हें ही गोली मार दी।


मुकेश ने आगे बताया है कि सुमित को गोली लगने के बाद भड़की भीड़ ने इंस्पेक्टर पर जमकर पत्थरबाजी की थी, जिसकी वजह से सुबोध कुमार गंभीर रुप से चोटिल हो गए थे। फिलहाल पुलिस ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली मारने वाले आरोपी प्रशांत नट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

वहीं ऐसे में सवाल ये उठने लगे हैं कि चश्मदीद गवाह को मीडिया के सामने लाने का उद्देश्य क्या है? क्या पुलिस अपनी कहानी को सही बताने के लिए गवाह का सहारा ले रही है? गवाह ने जिस तरह से एक रटा-रटाया बयान दिया, उससे भी पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि पूरे केस में हिंसा और इंस्पेक्टर की हत्या अहम बात है, किंतु पुलिस द्वारा हत्या के आरोप में पकड़े गए आरोपी प्रशांत नट को मीडिया के सामने पेश नहीं किया। इस मामले पर पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

इतना ही नहीं इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के आरोप में पकड़े गए प्रशांत नट से कोई सामान बरामद नहीं हो सका है। इसको लेकर पुलिस पर सवाल भी उठ रहे हैं। प्रशांत नट के भाई एवं अन्य परिजनों का कहना है कि तीन दिन से प्रशांत को पुलिस हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया जा रहा था। इन सवालों के बीच शुक्रवार को पुलिस ने अचानक गांव हरवानपुर निवासी मुकेश उर्फ मूला को चश्मदीद बताते हुए मीडिया के सामने लाकर खड़ा कर दिया। जो कहीं न कही एक बड़ा सवाल है।