सीबीआई ने राकेश अस्थाना की एफआईआर रद्द करने की याचिका का किया विरोध

Written by Newsroom Staff November 1, 2018 4:27 pm

नई दिल्ली। सीबीआई ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि विशेष निदेशक राकेश अस्थाना और अन्य लोगों के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों में दर्ज प्राथमिकी संज्ञेय अपराध दिखाती है। एजेंसी ने प्राथमिकी रद्द करने की अस्थाना की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि इस स्तर पर रोविंग इंक्वायरी (विषय वस्तु से असंबद्ध) की अनुमति नहीं है।rakesh asthana

सीबीआई ने अदालत से यह भी कहा कि अस्थाना के खिलाफ जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, विभिन्न दस्तावेजों और अन्य लोगों की भूमिकाओं की जांच की जा रही है। इसी संबंध में एजेंसी ने अदालत को बताया कि वह असमर्थ है क्योंकि कुछ फाइल और दस्तावेज सीवीसी (केन्द्रीय सकर्तता आयोग) की निगरानी में हैं।CBI

एजेंसी ने अस्थाना द्वारा लगाए गए सभी प्रतिकूल आरोपों का खंडन किया है। अस्थाना, सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक देवेन्द्र कुमार और कथित बिचौलिया मनोज प्रसाद की अर्जियों पर आज दिन में न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की अदालत में सुनवाई की संभावना है।

हाईकोर्ट से अस्थाना को राहत, कोर्ट ने कहा- नहीं हो सकते गिरफ्तार

राकेश अस्थाना को लेकर हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि उनको गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।delhi-high-court

सीबीआई ने कहा है कि अभी इस मामले की जांच चल रही है, इसलिए राकेश अस्थाना को बेल नहीं मिलनी चाहिए। जब दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा कि मामले में जांच कहा तक आगे बढ़ी तो सीबीआई ने कहा कि अभी आधे से अधिक फाइल सीवीसी के पास हैं। इसलिए वह जांच आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। सीबीआई ने अपने जवाब में कहा कि राकेश आस्थाना के ऊपर जो रिश्वत लेने का आरोप है, अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि जबतक जांच चल रही है, एफआईआर को रद्द नहीं करना चाहिए।