सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा लगातार दूसरे दिन भी सीवीसी से मिले, अपना पक्ष रखा

Written by: November 9, 2018 2:27 pm

नई दिल्ली। सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा शुक्रवार को भी मुख्य सतर्कता आयुक्त के ऑफिस पहुंचे, जहां सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ए के पटनायक, के वी चौधरी की सदस्यता वाली कमेटी ने उनका बयान दर्ज किया। आलोक वर्मा गुरुवार को भी सीवीसी ऑफिस पहुंचे थे और 40 मिनट रहे। आलोक वर्मा गुरुवार को भी के.वी. चौधरी से मिले और उन पर लगाए गए रिश्वत के आरोप पर अपना पक्ष रखा।Rakesh Asthanaसीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने उनके खिलाफ ये आरोप लगाया है। सीवीसी अधिकारियों के अनुसार, वर्मा दक्षिण दिल्ली के आईएनए मार्केट स्थित सीवीसी मुख्यालय दोपहर करीब एक बजे पहुंचे और एक घंटे से अधिक समय तक वहां रहे। सीवीसी सूत्रों के अनुसार, सीबीआई निदेशक, चौधरी के अलावा सतर्कता आयुक्त शरद कुमार से भी मिले।वर्मा ने मंगलवार को अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के सभी आरोपों को खारिज किया था और कहा कि उन्होंने जो कार्रवाई की वह अस्थाना के खिलाफ चल रहे मामले की जांच से संबंधित थी। सीवीसी को दिए जवाब में वर्मा ने अस्थाना द्वारा लगाए गए सभी आठ आरोपों पर अपने जवाब पेश किए।

राकेश अस्थाना ने लगाया था आरोप

अस्थाना ने 24 अगस्त को कैबिनेट सचिव से शिकायत की थी कि मांस कारोबारी मोईन कुरैशी के मामले में आरोपी सतीश बाबू साना ने वर्मा को 2 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी। एक नाटकीय घटनाक्रम में केंद्र सरकार ने 24 अक्टूबर को वर्मा से सीबीआई निदेशक के सभी अधिकार वापस ले लिए और उन्हें छुट्टी पर भेज दिया।CBI

क्या है मामला

देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई में आंतरिक कलह उस समय सार्वजनिक हो गई जब हैदराबाद के व्यवसायी साना के बयान के आधार पर अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। सीबीआई ने 15 अक्टूबर को साना से दो करोड़ रुपये रिश्वत लेने के आरोप में अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि मीट कारोबारी मोईन कुरैशी के केस को रफ-दफा करने के लिए दो बिचौलियों मनोज प्रसाद और सोमेश प्रसाद के जरिये दो करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई।