SI इम्तियाज की हत्या का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, गर्लफ्रेंड ने दिया पूरा साथ, पढ़िए रिपोर्ट…

Written by: November 21, 2018 2:43 pm

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में पुलिस सब इंस्पेक्टर इम्तियाज अली मीर की हत्या के आरोप में हिज्‍बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी अंसार उल हक को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। अंसारुल बेंगलूरू से दिल्ली आया था और अपने घर कश्मीर जा रहा था। स्पेशल सेल पिछले कई दिनों से अंसार उल हक के पीछे लगी थी और उसकी मूवमेंट पर नजर रख रही थी।

कश्मीर में SI की हत्या

बता दें कि 28 अक्टूबर को सीआईडी के सब इंस्पेक्टर इम्तियाज अहमद मीर लंबे समय बाद माता-पिता से मिलने अपने घर जा रहे थे तब रास्ते में वाहीबग में आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी, पुलिस को इम्तियाज की गोलियों से छलनी लाश मिली थी। दरअसल जम्मू कश्मीर में सेना आपरेशन ऑल आउट के तहत आतंकियों को चुन चुनकर ठिकाने लगा रही है। बौखलाए आतंकियों ने घाटी में पुलिसकर्मी और SPO को अपनी नौकरियां छोड़ने की धमकी दी। और फिर साजिश के तहत इम्तियाज की हत्या कर दी।

आतंकी ने गर्लफ्रेंड का किया इस्तेमाल

पुलिस जांच में पता लगा कि इम्तियाज की हत्या करने के लिए अंसार उल हक ने अपनी गर्लफ्रेंड का इस्तेमाल किया था। जानकारी के मुताबिक, आतंकी की गर्लफ्रेंड शेख सादिया प्रशासनिक सर्विसेज की तैयारी कर रही है। सादिया सब इंस्पेक्टर इम्तियाज को भी जानती थी। हत्या वाले दिन सदिया, इम्तियाज से पुलिस स्टेशन के पास मिली।

चूंकि इम्तियाज उसी दिन अपने परिवार से मिलने पुलवामा जाने वाले थे, वो धमकी के बारे में जानते थे इसलिए अपना हुलिया भी बदल दिया था। सादिया भी पुलवामा की रहने वाली है, उसने खुद को घर तक छोड़ने के लिए कहा और इसी बीच इम्तियाज की गाड़ी से लेकर हर मूवमेंट की खबर अंसारुल को देती रही। अंसारुल ने फिर ये सारी जानकारी हिज्बुल को दी, जिसके बाद आसानी से इम्तियाज की हत्या कर दी गई।

इस हत्या के बाद आतंकी अंसारुल पहले दिल्ली आया और फिर मुंबई गया, जहां से वो बेंगलूरू चला गया। स्पेशल सेल उसके हर मूवमेंट पर पिछले 15-20 दिनों से नजर रख रही थी, मंगलवार को जैसे ही वो दिल्ली एयरपोर्ट आया पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

वाट्सऐप ग्रुप से मिले अहम सुराग

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार अंसार उल हक एक वाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था उस ग्रुप का नाम था टिकन-11. इस वाट्सऐप ग्रुप में पुलिस पर्सनल और आर्मी अफसरों के खिलाफ पोस्ट किए जाते थे और कहा जाता था की पुलिस, इंटेलिजेंस और आर्मी के लोग काम छोड़ दें या मरने के लिए तैयार रहें।

ये भी कहा जा रहा है कि वाट्सएप ग्रुप से प्रभावित होकर ही अंसार ने सब इंस्पेक्टर की हत्या की थी। सब इंस्पेक्टर को पहले धमकी भी दी गई थी। जम्मू-कश्मीर में आर्मी और पुलिस अफसरों पर हमला और औरंगजेब की हत्या भी इसी वाट्सएप ग्रुप की प्लानिंग का हिस्सा था। आतंकी संगठन हिज्ब-उल-मुजाहिद्दीन से जुड़े लोग अपने आस-पास के इलाकों में पुलिस और आर्मी वालों पर हमले करें और दूसरों को हमलों के लिए प्रेरित करने के लिए ऐसे वाट्सएप ग्रुप चलाते हैं और उसमें आर्मी और पुलिस अफसरों के खिलाफ भड़काऊ बातें लिखते हैं।

जानकारों के मुताबिक, अंसार उल हक भी पुलवामा का ही रहने वाला है और पिछले 4-5 साल से हिज्बुल से जुड़ा था। इसके अलावा वो काफी पढ़ा लिखा भी है। उसने इंग्लिश लिटरेचर में एमए किया है और उसका सेब का अच्छा करोबार भी है। करोबार के सिलसिले मे अंसार उल हक अक्सर घूमता रहता था। दिल्ली पुलिस ने अंसार की गिरफ्तारी की जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस को दे दी है, हालांकि गर्लफ्रेंड की तलाश जारी है।