TDP सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री वाईएस चौधरी के ठिकानों पर ED के छापे, छह कारें जब्त

Written by: November 25, 2018 2:00 pm

नई दिल्ली। ईडी ने कथित वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में पूर्व केंद्रीय मंत्री और तेदेपा सांसद वाईएस चौधरी के घर और दफ्तरों पर छापेमारी की है। शुक्रवार से शुरू छापेमारी की कार्रवाई शनिवार तक जारी रही। ईडी ने फेरारी, रेंज रोवर और मर्सिडीज बेंज सहित चौधरी की छह महंगी कारें जब्त कर ली हैं। केंद्रीय एजेंसी ने उनको अगले सप्ताह पूछताछ के लिए भी बुलाया है। अधिकारियों ने चौधरी की कंपनी सुजाना ग्रुप के दफ्तरों में रिकॉर्ड, कंप्यूटरों तथा लैपटॉप की जांच की।

इसके साथ ही स्प्लेंडिड मेटल प्रॉडक्ट्स लि. और सुजाना यूनिवर्सल इंडस्ट्रीज के दफ्तरों और चौधरी के आवास पर भी तलाशी ली। तलाशी अभियान में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को जो दस्तावेज हाथ लगे हैं, उनसे चौधरी और उनके सहयोगियों की नियंत्रण वाली कंपनियों द्वारा बैंकों को 57 अरब रुपये का चूना लगाए जाने का मामला उजागर हुआ है। चौधरी एनडीए सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री रह चुके हैं।

Enforcement Directorate

शुक्रवार को ईडी अधिकारियों ने उनके सुजाना ग्रुप की बैंक धोखाधड़ी के मामले में हैदरबाद और दिल्ली के आठ ठिकानों की तलाशी ली थी। एक ठिकाने से मिले डॉक्युमेंट्स में सांसद की ग्रुप कंपनियों पर ईडी, सीबीआई और राजस्व खुफिया निदेशालय (डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) के लंबित मामलों का पता चला है। इससे पहले, अक्टूबर महीने में तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने विभिन्न शेल कंपनियों के 126 रबर स्टांप सीज किए थे।

cbi

ये कंपनियां जांच एजेंसियों की नजर में तब आईं जब तीन बैंकों ने बीसीईपीएल द्वारा 364 करोड़ रुपये के लोन नहीं चुकाने की शिकायत की और सीबीआई के बेंगलुरु ऑफिस में एफआईआर दर्ज करा दीं। इन बैंकों में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 133 करोड़ रुपये और आंध्रा बैंक ने 71 करोड़ रुपये को लोन डिफॉल्ट का, तो कॉर्पोरेशन बैंक ने 159 करोड़ रुपये के घाटे का मुकदमा दर्ज कराया।

क्या है मामला

कल्याण राव पर राष्ट्रीयकृत बैंकों से 304 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी तथा फंड को मुखौटा कंपनियों में डायवर्ट करने का आरोप है। आरोप है कि मुखौटा कंपनियां चौधरी के स्वामित्व वाले फर्मो से जुड़ी हैं।

नायडू के करीबी हैं

राज्यसभा सदस्य चौधरी तेदेपा सुप्रीमो और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के करीबी माने जाते हैं। वह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में इस साल मार्च तक विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री थे। तेदेपा तभी राजग से बाहर हो गई थी।