क्या योगी सरकार ने राम मंदिर बनाने गए लोगों पर लाठीचार्ज करवाया?

Written by: November 21, 2018 6:41 pm

नई दिल्ली। आए दिन सरकार के खिलाफ कोई ना कोई मैसेज वायरल होता रहता है। हालांकि इसमें से कई खबरें गलत साबित होती है। ऐसी हीं एक खबर सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही है। इस खबरों को देखने के बाद कई लोगों को खबर की सत्यता पर ही भरोसा नहीं हो पा रहा है। लेकिन खबर को जिस तरह से पेश किया गया है उससे तो लगता है कि मानो खबर बिल्कुल सही हो। इसके जरिए यूपी की भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की गई है।    Varanasi Police Lathi Charge Saints

अक्टूबर 2018 में प्रवीण तोगड़िया ने अयोध्या में अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान किया। ऐसे में जो पोस्ट वायरल हो रही है उसमें यह बताने की कोशिश की गई है कि तोगड़िया के पार्टी बनाने के ऐलान से खफा भाजपा ने उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा राम मंदिर को लेकर आवाज उठाने तोगड़िया के साथ गए संतों को पीटा?

इस वायरल पोस्ट में एक वीडियो है। इसमें यूपी पुलिस दनादन लोगों पर लाठियां बरसाती नजर आ रही है। जो लाठी खा रहे हैं, उनमें से कुछ तो नॉर्मल पतलून-कमीज पहने हुए हैं। बाकी कई ऐसे भी हैं, जिन्होंने भगवा कपड़े पहने हुए हैं। वैसी ही वेश-भूषा है उनकी, जैसी भगवाधारी साधु-संतों की होती है। कुछ के हाथ में कमंडल और माथे पर चंदन टीका भी है। पुलिस इन्हें घसीट-घसीटकर मार रही है। तकरीबन 2.21 मिनट की ये वीडियो क्लिप खूब वायरल हो रही है। एक ही पोस्ट कई हजार बार शेयर हो चुकी है। इस वीडियो के साथ एक संदेश भी है, जिसमें लिखा है तोगड़िया की नई पार्टी का अयोध्या में स्वागत करती यूपी की योगी महाराज की पुलिस। राममंदिर निर्माण करने गए लोगों की पिटाई।

इस वीडियो को उस समय का बताया जा रहा है जब प्रवीण तोगड़िया ने अयोध्या में अपनी नई पार्टी का ऐलान किया। इस मौके पर पुलिस वहां पहुंची और तोगड़िया के साथ के लोगों को जमकर पीटा। तोगड़िया राम मंदिर बनाने की बात कर रहे थे। इसलिए वीडियो के साथ लिखे गए मेसेज में राम मंदिर का निर्माण करने गए लोगों की पुलिस के हाथों पिटाई वाली बात भी लिखी हुई है।

हालांकि यह वीडियो बिल्कुल सही है लेकिन इस वीडियो को जिस उद्देश्य से पोस्ट किया गया वह गलत है। इस वीडियो में सच में ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने साधु-संतों के ऊपर लाठी चार्ज किया था। मगर इस घटना का न तो तोगड़िया से कोई कनेक्शन है, न ही योगी सरकार से। न ही ये घटना अभी की है। ये वाकया है सितंबर 2015 का। जगह भी अयोध्या नहीं, बनारस थी।

इस वीडियो से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने पर पता चला कि यह वीडियो गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर विवाद का है। प्रशासन ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नियम बनाया हुआ था। कहा था, लक्ष्मीकुंड में विसर्जन करो। मगर मराठा गणेशोत्सव समिति इसका विरोध कर रही थी। वो वाराणसी की गंगा में विसर्जन करना चाहते थे। गंगा चूंकि पहले से ही काफी प्रदूषित हैं, सो प्रशासन थोड़ा एहतियात बरत रहा था। इस बात को समझने के लिए साधु-संत तैयार नहीं थे।

फिर क्या हुआ कि इस मामले में हिंदू वाहिनी संस्था घुस गई। उसने शहर बंद का ऐलान कर दिया। कई लोग धरने पर बैठ गए। इनमें साधु-संत भी थे। इनका कहना था कि प्रशासन आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहा है। प्रशासन ने पहले लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन वो समझे नहीं। फिर रात नौ बजे पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों को हटाने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। जवाब में दूसरी तरफ से पुलिस पर पथराव किया गया। ऐसा ही चल रहा था कि रात तकरीबन डेढ़ बजे के करीब पुलिस वहां जमा भीड़ को दौड़ाकर पीटने लगी। संतों पर भी लाठियां चलीं। कई संत घायल हुए। इस मामले पर खूब हंगामा हुआ। इस घटना के समय उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी।