राम मंदिर पर अपने इस एक बयान से फारूक अब्दुल्ला ने चौंका दिया सबको, जानें क्या कहा

Written by: January 4, 2019 3:15 pm

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर को लेकर शुक्रवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी का दिन तय किया है। कोर्ट के आज के आदेश के बाद तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। वहीं दूसरी ओर जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने काफी चौंकाने वाला बयान दिया है। जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम रहे फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि राम भगवान सिर्फ हिंदुओं के नहीं है, वह तो पूरी दुनिया के हैं।

इसके साथ ही फारूक अब्दुल्ला ने इस मामले को कोर्ट में ले जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले पर चर्चा होनी चाहिए और इसका समाधान ढूंढा जाना चाहिए। फारूक ने कहा, ‘इस मुद्दे को लोगों द्वारा ही आपसी सहमति से सुलझा लिया जाता है।  इसे कोर्ट ले जाने की क्या जरूरत है? मुझे पूरा भरोसा है कि बातचीत के जरिए इसे सुलझाया जा सकता है। भगवान राम पूरी दुनिया के हैं, केवल हिंदुओं के नहीं है।’

इतना ही नहीं राम मंदिर पर ऐतराज जताने वालों के लिए फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘भगवान राम से किसी को बैर नहीं होना चाहिए, कोशिश करनी चाहिए सुलझाने की और बनाने की। जिस दिन ये हो जाएगा मैं भी एक पत्थर लगाने के लिए जाऊंगा। जल्दी समाधान होना चाहिए।

हाल ही में एक समाचार एजेंसी को दिए अपने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार राम मंदिर मसले पर अध्यादेश नहीं लाएंगे, इस मुद्दे पर अध्यादेश का फैसला कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा यानी मंदिर पर अदालत के फैसले का इंतजार करना होगा। हालांकि अब्दुल्ला का कहना है कि इस मामले को कोर्ट तक पहुंचना ही नहीं चाहिए था।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि उसके द्वारा गठित पीठ राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना विवाद मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आदेश देगी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस एस के कौल की पीठ ने कहा, ‘‘एक उपयुक्त पीठ मामले की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए 10 जनवरी को आगे के आदेश देगी।’’