हुकुमदेव नारायण ने सिखाया केजरीवाल के नेता को ऐसा पाठ कि दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे

Written by Newsroom Staff December 17, 2018 8:01 pm

नई दिल्ली। 1984 सिख विरोधी दंगे मामले में आए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीति गरमा गई है। दरअसल कोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को सिख विरोधी दंगों का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सज्जन को अब ताउम्र जेल में रहना होगा। अदालत के फैसले के बाद जहां भाजपा कांग्रेस पर हमलावर हो गई तो वहीं कांग्रेस भी लगातार अपना बचाव कर रही है।

लेकिन इस सब के बीच सबसे दिलचस्प राजनीति आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच हो रही है। जहां लग रहा था कि कांग्रेस और आप जल्द हीं गठबंधन करनेवाले हैं वहीं दिल्ली हाई कोर्ट से सिख दंगे पर फैसला आने के बाद से दोनों के बीच एक बार फिर से दूरी बढ़ती नजर आ रही है।Rahul Gandhi And Arvind Kejriwal

दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर अदालत के इस फैसेल का स्वागत किया और कांग्रेस को अपने निशाने पर ले लिया।

वहीं आप नेता संजय सिंह ने भी कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और अदालत के इस फैसले को सही ठहराया। उन्होंने लिखा 1984 के क़त्ले आम में 34 साल बाद निर्णय आया,लम्बे संघर्ष के लिये श्री @hsphoolka जी को बधाई जिन्होंने अपना पूरा जीवन न्याय की इस लड़ाई में लगा दिया,सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सज़ा के बाद बाक़ी मामलों में भी पीड़ितों को जल्द न्याय मिले, न्याय में विलम्ब अन्याय के समान है।

वहीं संजय सिंह इस मामले पर भी राजनीति करने से नहीं चुके उन्होंने अपने अगले ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा कि मोदी सरकार ने @ArvindKejriwal द्वारा बनाई गई SIT को ख़त्म न किया होता तो अब तक कई लोग जेल की हवा खा रहे होते।

इस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता हुकुमदेव नारायण यादव ने संजय सिंह को आड़े हाथों लेते हुए जो लिखा उसका जवाब शायद आप के किसी नेता के पास नहीं होगा। क्योंकि आप के नेताओं को कमलनाथ के शपथग्रहण समारोह में आने का न्यौता दिया गया था लेकिन अदालत के फैसले के बाद आप के किसी भी नेता ने वहां जाने की जहमत नहीं उठाई। इस पर चुटकी लेते हुए हुकुमदेव नारायण ने लिखा यदि हाईकोर्ट का निर्णय दोपहर बाद आता तो आप जैसे अभी कमलनाथ की ताजपोशी मे ‘चाय-पकौडे’ तल रहे होते..

आपको याद होगा कि साल 2017 में पंजाब में चुनाव प्रचार के समय आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर उंगली उठाकर पारा चढ़ा दिया था। क्योंकि पंजाब और हरियाणा में कांग्रेस ने कमलनाथ को चुनाव प्रभारी चुना था। जिनके ऊपर 1984 के दंगों के दाग थे। आम आदमी पार्टी ने कमलनाथ के ऊपर लगे सिख दंगों के आरोपों की याद ताजा कर दी थी। जब कथित रुप से 1984 में दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज में कमलनाथ ने दंगाइयों की भीड़ की अगुवाई की थी। आम आदमी पार्टी के निवर्तमान राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उस समय कमलनाथ के चयन को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था। लेकिन साल 2018 में जब उन्हीं कमलनाथ को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री नियुक्त करने का फैसला कर लिया। तो आम आदमी पार्टी ने चुप्पी साध ली।