इमरान के केवल एक ट्वीट से पाकिस्तान की बढ गई मुश्किलें, भारत ने किया…

Avatar Written by: September 23, 2018 2:18 pm

नई दिल्ली। भारत पाक के विदेश मंत्रियों की बीच होने वाली बैठक टलने के बाद पाक पीएम इमरान खान काफी ज्यादा बौखला गए हैं। चूंकि जम्मू-कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों की बर्बर हत्या और पाकिस्तान द्वारा बुरहान वानी का महिमामंडन कर डाक टिकटें जारी की हैं, जिसका भारत ने कड़ा विरोध करते हुए बातचीत करने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में पाक से बातचीत के सभी दरवाजे बंद हो गए हैं।भारत ने पाकिस्‍तान से न्‍यूयॉर्क में विदेश मंत्री स्‍तर पर होने वाली बैठक को रद करने का ऐलान कर दिया है। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने आपसी संबंधों को सुधारने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को खत लिखा था। तब भारत राजी हो गया था, लेकिन इसके महज 24 घंटे के भीतर ही भारत सरकार ने साफ कर दिया कि अब पाक के साथ किसी तरह की कोई बैठक नहीं होगी।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के निर्णय को अहंकारी रुख बताया। उन्होंने कहा कि भारत के नकारात्मक रुख से वो निराश हैं। प्रधानमंत्री खान ने एक ट्वीट में कहा,‘‘शांति वार्ता फिर से शुरू किये जाने के लिए मेरे आह्वान पर भारत के अहंकारी और नकारात्मक रूख से निराश हूं। हालांकि मैंने अपने पूरे जीवन में देखा है कि छोटे लोग बड़े पदों पर आसीन रहे हैं और उनके पास बड़ी तस्वीर देने का दृष्टिकोण नहीं हैं।Raveesh Kumar

बैठक रद्द किये जाने की घोषणा के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि घटनाक्रमों से विश्व के समक्ष पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान का असली चेहरा और बातचीत के प्रस्ताव के पीछे छिपा इस्लामाबाद का नापाक एजेंडा सामने आ गया है।भारत के बयान पर पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि पाकिस्तान पूरी तरह से इन आरोपों को खारिज करता है। हमारे अधिकारी सच्चाई का पता लगाने के लिए संयुक्त जांच करने के लिए तैयार होंगे। डाक टिकटों के मुद्दे पर फैसल ने कहा कि उन्होंने 25 जुलाई के चुनाव और 18 अगस्त को प्रधानमंत्री खान के पद संभालने से पहले इन्हें जारी किया गया था।Ravi Shankar Prasad

भाजपा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पर किया पलटवार–
भाजपा ने इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने देश की सेना के निर्देशों पर सत्ता में है और भारत पड़ोसी देश के साथ तब तक बातचीत नहीं करेगा जब तक उसके सैनिकों को मारा जाता रहेगा। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी कहा कि उस व्यक्ति से और क्या उम्मीद की जा सकती है जो अपने देश की सेना के निर्देश पर प्रधानमंत्री के पद पर बैठा हो।