रूस, चीन के बाद सिर्फ भारत में रेल विश्वविद्यालय बनकर तैयार

Written by: December 20, 2018 12:38 pm

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे अपने विकास के दौर से गुजर रहा है। रेलवे की सेवा को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार तरह-तरह के प्रयोग कर रही है। यह प्रयोग जनता को पसंद भी आ रहा है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई तरह के प्रयोग किए जो यात्रा के दौरान लोगों के लिए बेहद सुखद अनुभव प्रदान कर रहा है। साफ-सफाई के मामले में भी रेलवे ने कई बेहतर कदम उठाए हैं।

वहीं रेलवे के कामकाज की जानकारी देने के लिए भारत में दुनिया का तीसरा रेल विश्वविद्यालय भी बनाया गया है। रूस और चीन के बाद यह दुनिया का तीसरी यूनिवर्सिटी है, जिसमें रेल के कामकाज से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। राष्ट्रीय रेल एवं परिवहन संस्थान भारत का पहला विश्वविद्यालय है, जो यातायात संबंधी शिक्षा,बहु-विषयों में रिसर्च एवं प्रशिक्षण प्रदान करती है। यह संस्थान वडोदरा, गुजरात में भारतीय रेल राष्ट्रीय अकादमी के अंदर 55 एकड़ के परिसर में फैला हुआ है।NationalRailway and Transportation Institute

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने देश के प्रथम रेल विश्वविद्यालय का तोहफा देश को लोगों को दिया। इस दौरान गोयल ने कहा कि एक साल के अंदर देश भर में पांच हजार मानवरहित रेल क्रासिंग को खत्म किया जा चुका है। हर साल 1200 ऐसे फाटकों को चौकीदार नियुक्ति के साथ अथवा ओवरब्रिज बनाकर खत्म किया जा रहा है। अब केवल 100-200 ऐसे रेलवे फाटक बच गए हैं, जो जल्द खत्म कर दिए जाएंगे।

इसके साथ रेल मंत्री गोयल ने कहा कि रेलवे बोर्ड ने अपने 13 लाख कर्मचारियों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। इससे उनकी जानकारी मजबूत होगी और रेलवे विश्व में सबसे बेहतर हो सकेगा। इसी साल सितंबर से 20 प्रदेशों के 103 छात्रों के साथ स्नातक स्तरीय दो कोर्स का संचालन एनआरटीआई में किया जा रहा है। ये कोर्स हैं-बीएससी परिवहन तकनीक तथा बीबीए परिवहन प्रबंधन। विवि का लक्ष्य वर्ष 2019-20 में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का है।NationalRailway and Transportation Institute

अभी विश्वविद्यालय में 17 छात्राएं और 86 छात्र हैं और ये देश के 20 राज्यों से आए हैं। बीबीए-ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट में 41 छात्र को और बीएससी-ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी में 62 को दाखिला मिल गया है।Piyush Goyal Vijay Rupani

गुजरात के वडोदरा में बने राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान (एनआरटीआई) ने इस साल सितंबर में दो पूर्ण आवासीय स्नातक पाठ्यक्रमों में 20 राज्यों के 103 छात्रों के पहले बैच को प्रवेश दिया था।Indian Railway

बुलेट ट्रेन परियोजना पर रेल मंत्री ने कहा, ’50 साल पहले जब राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की संकल्पना की गई थी तब भी ऐसा ही विरोध हुआ था। ताज्जुब है कि बुलेट ट्रेन परियोजना का वैसे लोग विरोध कर रहे हैं, जो इसका आनंद ले चुके हैं।’

इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य ट्रांसपोर्ट एंड सिस्टम डिजाइन, ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स इंजीनियरिंग, ट्रांसपोर्ट पॉलिसी एडं इकोनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में 2019-20 के अकेडमिक सेशन से मास्टर कोर्स शुरू करना है।

रेल मंत्रालय ने अगले पांच वर्षों तक इस परियोजना के लिए 421 करोड़ रूपये मंजूर किए हैं।