कमलनाथ को सीएम बनाते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक करने लगे दिल्ली में प्रदर्शन, रख रहे ये मांग

Written by: December 15, 2018 5:59 pm

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने 15 साल बाद सरकार बनाने के लिए एक कदम बढ़ा तो दिया लेकिन पार्टी अपने अंदरुनी उठापटक से ही बाहर निकलती नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस की तरफ से कमलनाथ को सीएम का चेहरा तो बना दिया गया और उनके द्वारा राज्यपाल के सामने सरकार बनाने के लिए दावा भी पेश कर दिया गया लेकिन इस सब के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक अब भी पार्टी के फैसले से खफा नजर आ रहे हैं। Rahul Kamalnath Jyotiraditya

दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया के घर मध्यप्रदेश के विधायक जुट गए हैं। वह सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं। समर्थकों को कहना है कि जिस तरह राजस्थान में अशोक गहलोत को सीएम और सचिन पायलट को डिप्टी सीएम बनाया गया है, इसी को ध्यान में रखते हुए सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहिए।Kamalnath Jyotiraditya

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच पेंच फंसा हुआ था, लेकिन बाद में कमलनाथ ने बाजी मार ली।

अब इसे संयोग कहें या कुछ और लेकिन शुक्रवार को जब कमलनाथ राज्यपाल से मिलने पहुंचे तो उनके साथ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया, दिग्विजय सिंह, अजय सिंह, अरुण यादव और विवेक तन्खा तो मौजूद रहे, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया इस दौरान नदारद रहे, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं।

काफी माथापच्ची के बाद आखिरकार मध्य प्रदेश के सीएम के नाम का भोपाल में गुरुवार को देर रात को ऐलान हुआ था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक फोटो ट्वीट की थी, जिसमें वो कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ दिख रहे थे। इसमें उन्होंने Leo Tolstoy का एक कथन लिखकर राजनैतिक संदेश दिया कि धैर्य और समय दो सबसे ताकतवर योद्धा होते हैं। ऐसा माना गया कि इसके माध्यम से राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य को धैर्य रखने के लिए कह दिया और यह बता दिया कि कमलनाथ का समय आ गया है। जबकि इस पूरे प्रकरण के बीच सिंधिया के समर्थक लगातार नारेबाजी करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे थे।jyotiraditya scindia

हालांकि सीएम के नाम पर पार्टी का फैसला आने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर लिखा था कि “ये कोई रेस नहीं और ये कुर्सी के लिए नहीं, हम यहां मध्य प्रदेश की जनता की सेवा के लिए हैं, मैं भोपाल आ रहा हूं, और आज ही सीएम के नाम का एलान होगा।” इससे भी ऐसा लगा था कि ज्योतिरादित्य ने कमलनाथ के सामने सरेंडर कर दिया है।

वहीं एक और सूचना इस बीच सामने आई थी कि दिल्ली में जिस समय मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कवायद चल रही थी, भोपाल में तब ज्योतिरादित्य सिंधिया का चैंबर खाली कराने को लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) में बवाल हो गया था। पुलिस वहां से सिंधिया समर्थकों को हटाने पहुंच गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ था।