कांग्रेस नेताओं के मुंह पर कमलनाथ का तमाचा… आरएसएस के बचाव में कही बड़ी बात

Written by: November 13, 2018 3:22 pm

नई दिल्ली। अक्सर विवादित बयानों से सुर्ख़ियों में बने रहने वाले कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी ने संघ को लेकर विवादित टिप्पणी की है, उन्होंने संघ को आतंकवाद का प्रतीक बताया है। रीवा जिले की गुढ़ विधानसभा से कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी ने सोमवार को अपने निवास में प्रेसवार्ता आयोजित करके राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के खिलाफ एक बार फिर विवादित बयान दिया।

Sundar lal Tiwari
कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी

उन्होंने कहा कि आरएसएस के किसी भी कार्यक्रम में भारतीय झंडा नहीं लगाया जाता। इससे यह साफ जाहिर है कि इसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। उन्होंने आगे कहा है कि आरएसएस पूर्ण रूप से राजनीतिक संगठन है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन सामाजिक घृणा, नफरत धर्म के नाम पर फैला रहा है और प्रदेश सहित देश में एक अराजकता का माहौल पैदा किया जा रहा है। तिवारी ने कहा कि इनकी शाखा में देश का झंडा कभी नहीं फहराते और यह सब आतंकवाद का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि कहा कि कांग्रेस ने जो आरएसएस को लेकर अपने वचन पत्र में दिया है वह बहुत अच्छा है. वह उसका समर्थन करते हैं। इसके अलावा उन्होंने रीवा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में मादक पदार्थ का कारोबार चरम पर है। आज भी मादक पद्धार्थ गली-गली मिल रहा है। पुलिस इस पर अंकुश लगाने में नाकाम हो रही है।

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हालांकि उनके इस बयान पर राजनीति तेज होने पर पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने इससे किनारा कर लिया। कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इससे कुछ लेना देना नहीं है। कांग्रेस पार्टी का आरएसएस को इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी करने का कोई इरादा नहीं था। कमलनाथ ने कहा कि अगर आरएसएस आतंक संगठन होती तो वे उस पर पाबंद लगाने की बात करते ना कि अपने विधायक के बयान से पल्ला झाड़ते।

आरएसएस नहीं है आतंकी संगठन

कमलनाथ ने कहा कि ना हमारा मन है और ना मंशा कि आरएसएस पर को रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि संघ आतंकवादी संस्था है वो ऐसा नहीं मानते हैं। अगर संघ ऐसी संस्था होती तो उसपर प्रतिबंध लगाने की बात की जाती। संघ को लेकर पूरी विवाद कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र के जारी होने के बाद से ही शुरू हुआ है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आरएसएस पर किए गए विवादित टिप्पणियों से किनारा कर लिया है।

घोषणा पत्र के बाद मचा बवाल

कांग्रेस के घोषणा पत्र में लिखा गया, ‘शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखाएं लगाने पर प्रतिबंध लगाएंगे। शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी आदेश निरस्त करेंगे’। कांग्रेस के इस वादे के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच ब्लेम गेम का दौर शुरू हो चुका है जिसकी कड़ी में विधायक ने भाजपा को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था।