बनारस ने रचा इतिहास… कोलकाता से पेप्सिको के 16 कंटेनर लेकर रामनगर पहुंचा जलपोत

Avatar Written by: November 10, 2018 8:34 pm

नई दिल्ली। चार साल पहले असंभव सा दिखने वाला कार्य संभव हो गया है। ये काम गंगा में जलपोत परिवहन का था, जो कि आजादी के बाद पहली बार संभव हो पाया है। इसके अलावा पीएम मोदी बनारस के रामनगर में 20800.00 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित देश के पहले आईडब्ल्यूटी मल्टीमॉडल टर्मिनल देश को समर्पित करेंगे। बता दें कि कुल चार मल्टी-माडल टर्मिनल में से ये पहला टर्मिनल है जिसका निर्माण राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर किया गया है।बता दें कि पेप्सी कंपनी के 16 कंटेनर गंगा नदी के रास्ते कोलकाता से वाराणसी आ गए हैं। मालवाहक जहाज ‘टैगोर’ रामनगर स्थित बंदरगाह पर शुक्रवार की सुबह लंगर डाल चुका है। पीएम मोदी बनारस में इन कंटेनरों को 12 नवंबर को रिसीव करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 नवंबर को काशी को 2,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का सबसे बड़ा तोहफा देंगे।

दो राष्ट्रीय राजमार्गों का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को वाराणसी में दो राष्ट्रीय राजमार्गों का भी उद्घाटन करेंगे। इन सड़क मार्गों का निर्माण 1,571.95 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है,जिसकी कुल लंबाई 34 किलोमीटर है। मंत्रालय के अनुसार 16.55 किलोमीटर लंबा वाराणसी रिंग रोड, चरण-1 कुल 759.36 करोड़ रुपये की लागत से और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-56 पर 17.25 किलोमीटर लंबा बाबतपुर-वाराणसी राजमार्ग का निर्माण 812.59 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।Varanasi

28 अक्टूबर को कोलकाता से जलपोत रवाना हुआ

जलपोत कोलकाता से 28 अक्तूबर को चल चुका है, वाराणसी से हल्दिया के बीच जलमार्ग की दूरी 1390 किलोमीटर है। गंगा में वाराणसी से हल्दिया तक जल परिवहन के लिए परीक्षण की शुरुआत के दौरान वाराणसी से दो जलपोत हल्दिया रवाना किए थे। इससे पहले, 12 अगस्त, 2016 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा खिड़किया घाट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किए गए दो जलपोतों में मारुति कारें और भवन निर्माण की सामग्री रवाना की गई थी।