मंदिर-मस्जिद जाने से कोई आध्यात्मिक नहीं होता- राजनाथ सिंह

Avatar Written by: September 30, 2018 12:08 pm

सिरोही। ब्रह्माकुमारी के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में शनिवार को वैश्विक शिखर सम्मेलन का आगाज हुआ। आध्यात्म, विज्ञान और पर्यावरण विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विश्व के 140 देशों से मेहमान भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जीवन में बड़ा काम करने के लिए बड़ा मन होना जरूरी है।

इसके साथ ही गृहमंत्री ने कहा कि विज्ञान, आध्यात्म और धर्म ये एक-दूसरे के विपरीत हैं, ये अवधारणा विदेशों की है। भारत की अवधारणा है, विज्ञान और आध्यात्म दोनों एक-दूसरे के पूरक और एक हैं। चरक, सुषुप्त, आर्यभट्ट आदि जितने भी बड़े ऋषि थे, उतने ही बड़े वैज्ञानिक भी थे।

राजनाथ ने कहा ती गिरिजाघर में केवल जाकर प्रार्थना करने से व्यक्ति आध्यात्मिक नहीं होता है। जितना बड़ा वह करता चला जाता है, उतना जीवन में आध्यात्मिक ऊंचाइयों को छूता है।

गृहमंत्री सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने छोटी-छोटी बातों पर चिंता जाहिर की है। स्वच्छता हो, जैविक खेती, सौर ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण इन सभी विषयों पर ये संस्था कार्य कर रही है जो सराहनीय है। संस्था ने 80 लाख पौधरोपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। गृहमंत्री सिंह ने कहा कि हमारे देश के ऋषि-मुनियों ने ही शून्य का आविष्कार किया और आध्यात्म की खोज की। चरक, आरोहक, सुषुप्त, आर्यभट्ट ऋषि जितने बड़े ऋषि थे, उतने ही बड़े साइंटिस्ट भी थे।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि संसार को जिस शांति की जरूरत है। उस वातावरण का निर्माण यहां हो रहा है। कम बोलो, धीरे बोलो व मीठा बोलो ये शब्द यहां मंत्र की तरह कार्य करते हैं।

आपको बता दें, कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पूर्व पत्नी टीवी एक्ट्रेस व सिंगर मारला मैपल ने कहा कि मैंने कुंडलिनी योग, ब्रह्माकुमारी के राजयोग, मेडिटेशन और शाकाहारी भोजन को अपनी दिनचर्या में शामिल किया है।