भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने पार्टी से दिया इस्तीफा, बताई ये बढ़ी वजह

Written by Newsroom Staff December 6, 2018 4:03 pm

नई दिल्ली। यूपी के बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने अपनी ही पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा है कि पार्टी समाज को बांटना चाहती है। इस बयान के साथ ही फुले ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी या उसके किसी भी संगठन से कोई लेनादेना नहीं है। फुले ने यह भी ऐलान किया कि 23 दिसंबर को वह रमा बाई आंबेडकर मैदान में रैली करेंगी।

फुले की पहचान उत्तर प्रदेश में बीजेपी के एक बड़े दलित चेहरे के तौर पर रही है। हालांकि वह केंद्र और यूपी सरकार पर अक्सर निशाना साधती रही हैं और आज इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाए।

‘दलित सांसद होने के कारण मेरी उपेक्षा’ 

केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए सांसद ने कहा कि काला धन विदेश से वापस लाने का वादा भी पूरा नही किया गया। मंदिर-मस्जिद का खौफ दिखाकर आपसी भाईचारा खत्म किया जा रहा है। फुले ने आरोप लगाया कि दलित सांसद होने की वजह से उनकी कभी बात नहीं सुनी गई और हमेशा उपेक्षा की गई।

इससे पहले मंगलवार को फुले ने कहा था कि हनुमानजी दलित और मनुवादियों के गुलाम थे। उन्होंने कहा कि अगर लोग कहते है कि भगवान राम है और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमानजी ने किया था, उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? उनको तो इंसान बनाना चाहिए था लेकिन इंसान ना बनाकर उन्हें बंदर बना दिया गया। उनको पूंछ लगा दी गई, उनके मुंह पर कालिख पोत दी गई, चूंकि वह दलित थे इसलिए उस समय भी उनका अपमान किया गया।

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