सिख विरोधी दंगों में सज्जन कुमार पर आया उम्रकैद का फैसला तो यूं निकला कांग्रेस के खिलाफ गुस्सा

Written by: December 17, 2018 6:35 pm

नई दिल्ली। साल 2018 का अंत जहां एक ओर कांग्रेस के लिए खुश‍ियों की सौगात लेकर आया है, वहीं तीन राज्‍यों में राजपाट की तैयारी कर रही पार्टी के सिर पर सिख दंगों का साया अभी भी है। सोमवार को जहां एक ओर जयपुर में अशोक गहलोत की ताजपोशी की तैयारी चल रही थी, वहीं दूसरी ओर दिल्‍ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्‍जन कुमार 1984 दंगों का दोषी पाया।

सज्‍जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 3 दशकों से कांग्रेस के लिए नेतागीरी कर रहे सज्‍जन कुमार और उनकी पार्टी दोनों के लिए यह बड़ा झटका है।

सज्जन कुमार पर कोर्ट के इस फैसले के आते ही देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सभी अहम दलों और उनके नेताओं ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है।

फैसले के बाद एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा, “दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट के फैसले को उलटा किया है और उम्रकैद की सजा दी है। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं।

वहीं दूसरी ओर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मामले पर प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग कर डाली। इसके साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने जा रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कमलनाथ को भी पदच्युत करने की बात कही।

1984 के दंगों की चश्मदीद गवाह जगदीश कौर ने एक चैनल से बातचीत के दौरान बताया कि, “आज के फैसले से थोड़ा सुकून है, लेकिन अभी लड़ाई लंबी है। हमें 8 करोड़ देके बाहर सेटल करवाने के लिए कहते थे लेकिन मैंने लड़ाई लड़ी। हमारी कौम के लोगों को मारा, कुत्ते नोचते थे उनकी लाशें। अर्बेरो ने किताब में लिखा था कि सज्जन कुमार को जेल में डाल दो शांति हो जाएगी पंजाब में लेकिन राजीव गांधी ने कहा कि वो मेरा सीधा हाथ है उसको बचाया और बाहर भेज दिया।

आपको यहां बता दें कि बीबी जगदीश कौर का पूरा परिवार 1984 के उस सिख विरोधी दंगों में मारा गया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर को सजा-ए-मौत नहीं होती और गांधी परिवार कटघरे में खड़ा नहीं होता तब तक ये लड़ाई जिंदा रहेगी।”

इस फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने कहा, “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। इस अपराध में शामिल लोगों को सख्त सजा दी जानी चाहिए। कानून ने अपना काम किया है। यह कानून में लोगों के विश्वास को मजबूत करेगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए गए व्यक्ति को अपना राजनीतिक जीवन छोड़ देना चाहिए।”

वहीं केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा, “ये सबको पता था कि कांग्रेस का हाथ था और हम सबको संतोष है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सजा दी है। पूरी कांग्रेस दोषी थी और कमलनाथ, सज्जन कुमार जैसे और भी ऐसे चेहरे निकलेंगे।”

कोर्ट के इस फैसले पर केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “84 सिख दंगों के आरोपी आज भी खुले में घूम रहे हैं और ये दर्द अभी भी लोगों में है।”