कब और कैसे आया इसे बनाने का आइडिया, क्यों रखी गई है इसकी ऊंचाई 182 मीटर, खासियतें…

Written by: October 22, 2018 8:20 pm

नई दिल्ली। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टेचू ऑफ यूनिटी’ बनकर लगभग तैयार हो गई है। 182 मीटर ऊंची इस विशाल प्रतिमा का अनावरण 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। चूंकि उसी दिन पीएम मोदी का जन्मदिन भी मनाया जाता है। इसमें भी कोई शक नहीं कि ये प्रतिमा देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।सबसे पहले बता दें कि इस प्रतिमा को 2,989 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। जिसकी ऊंचाई 182 मीटर होने का कारण ये बताया जा रहा है कि गुजरात विधानसभा में सीटों की कुल संख्या भी इतनी ही है। इस प्रतिमा को 4076 मजदूरों ने मिलकर बनाया है। इसमें 200 चीनी श्रमिक भी शामिल थे।

स्टैचू ऑफ यूनिटी में मेमोरियल भी

प्रतिमा परिसर में एक प्रदर्शनी मंजिल, एक मेमोरियल गार्डन और एक बड़ा संग्रहालय भी बनाया गया है। संग्रहालय में सरदार पटेल की जिंदगी से जुड़ी कई चीजों को सहेजा गया है। इनमें उनके करसमद में जन्म से लेकर लौहपुरुष बनने तक की यात्रा, व्यक्तिगत जिंदगी और गुजरात से उनके जुड़ाव को देखा जा सकता है।

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा

यह प्रतिमा ‘स्टैचू ऑफ लिबर्टी’ की ऊंचाई से दोगुनी और रियो डी जनेरो में ‘क्राइस्ट द रिडीमर’ से चार गुनी होगी। न्यूयॉर्क शहर की पहचान ‘स्टैचू ऑफ लिबर्टी’ की ऊंचाई 93 मीटर है, जबकि रियो डी जेनेरो की ‘क्राइस्ट द रिडीमर’ प्रतिमा 38 मीटर ऊंची है।

मल्टी-फर्म कंसोर्टियम को सौंपा निर्माण का ठेका

साल 2014 में गुजरात सरकार ने कंस्ट्रक्शन का ठेका एक मल्टी-फर्म कंसोर्टियम को सौंप दिया था। इस कंसोर्टियम में माइकल ग्रेव्स आर्किटेक्चर ऐंड डिजाइन और टर्नर कंस्ट्रक्शन, जो इससे पहले दुनिया की सबसे ऊंची इमारत ‘बुर्ज खलीफा’ बना चुकी है, वो भी इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं। निर्माण से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, चीनी फर्म ने सिर्फ इसके आवरण को तैयार करने का काम किया है जो कि ब्रॉन्ज शीट (कांस्य) से बना है।

2010 में रखा गया था प्रतिमा का विचार

इस स्टैचू का आइडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तब आया था, जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 6 अक्टूबर 2010 को सीएम मोदी ने घोषणा की थी कि गुजरात के 50 साल पूरे होने पर इस प्रतिमा का निर्माण नर्मदा नदी में सरदार सरोवर बांध के पास साधु बेट पहाड़ी पर किया जाएगा।

4 चरण में हुआ कंस्ट्रक्शन

इसके कंस्ट्रक्शन को चार स्टेज में बांटकर काम किया गया, जिनमें मॉक-अप, 3डी स्कैनिंग टेक्निक के साथ ही कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल प्रॉडक्शन टेक्निक, स्पाइनल स्ट्रक्चर शामिल है। स्टैचू का मूल ढांचा कंक्रीट और स्टील से बनाया गया, स्टैचू के अंदर दीवारें, मचान और चार दूसरी साइट्स (वॉक-वे, टिकट काउंटर, फूड कोर्ट, चार लेन का हाइवे, एक यार्ड जहां स्टैचू से जुड़े सभी हिस्से को जोड़ा गया और श्रेष्ठ भारत भवन, जो कि 52 कमरों की थ्री-स्टार रिहायश है, भी डिवेलप किया गया।