सरकार आलोक वर्मा का पक्ष सुने बिना उन्हें नहीं हटा सकती : सुब्रमण्यम स्वामी

Written by Newsroom Staff January 10, 2019 4:23 pm

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार को कहा कि सरकार सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को सुने बगैर केंद्रीय सर्तकता आयोग (सीवीसी) की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें हटा नहीं सकती। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि अगर सरकार आलोक वर्मा को हटाती है तो समस्या सुलझने के बजाए और बदतर हो जाएगी।

स्वामी ने आलोक वर्मा से मुलाकात के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मुख्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा, “वे आलोक वर्मा को सुने बिना सीवीसी की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें नहीं हटा सकते।”

सुब्रमण्यम स्वामी उच्चस्तरीय समिति के नतीजे के बारे में पूछे गए एक सवाल का उत्तर दे रहे थे। इस उच्चस्तरीय समिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधान न्यायाधीश नामांकित न्यायमूर्ति ए.के.सीकरी व लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं।

Alok Vermaआलोक वर्मा के भाग्य का फैसला करने के लिए इस समिति का आज फिर से मुलाकात होने का कार्यक्रम निर्धारित है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, “आखिर सीवीसी रिपोर्ट किस पर आधारित है..एक अन्य अधिकारी (विशेष निदेशक राकेश अस्थाना) पर जिसने एक गलत रिपोर्ट दी..इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि अगर आलोक वर्मा को पद से हटाया जाता है तो समस्या सुलझने के बजाय सिर्फ बदतर होगी।

उन्होंने कहा, “मैं चाहूंगा कि प्रधानमंत्री ऐसे कदम लें, जो इतिहास बने। वह अपनी सरकार के बोगस कानूनी दिमागों के मशविरे को नहीं सुनें, जिन्होंने गलत सलाह दी है और हमें इस हालात में पहुंचाया है। इसी वजह से सर्वोच्च न्यायालय को हमें कानून का सबक सिखाना पड़ता है।”

प्रधानमंत्री निवास पर बुधवार की शाम आलोक वर्मा की नियति पर फैसला लेने को लेकर हुई समिति की बैठक के एक दिन बाद सुब्रमण्यम स्वामी की यह टिप्पणी आई है।