भगवान के साथ भी धोखा कर रहे भक्त… मंदिर प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा

Avatar Written by: January 3, 2019 1:57 pm

नई दिल्ली। वैष्णो देवी के दर्शन को गए बहुत से भक्तों की लीला हैरान कर देने वाली है। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को नोटबंदी के बाद करीब दो साल में 2.3 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने 500 या 1000 के नोट दान में मिले हैं, जो बैन हो चुके हैं। नवंबर, 2016 में नोटबंदी के तत्काल बाद सिर्फ एक महीने में बहुत से भक्तों ने तीर्थस्थान पर 1.90 करोड़ रुपये के पुराने नोट चढ़ा दिए।

हिंदुस्तान टाइम्स अखबार के मुताबिक, वैष्णो देवी दिसंबर, 2016 के बाद पुराने नोट चढ़ाने का आंकड़ा घटता गया और उसके बाद के करीब दो साल में अब तक 40 लाख रुपये के पुराने नोट चढ़ाए गए।

रिजर्व बैंक ने तो ऐसे पुराने नोटों पर नजर रखना काफी समय से बंद कर दिया है, लेकिन अब भी कई जगहों से या कई लोगों के पास ऐसे पुराने नोट मिलने की खबरें आ जाती हैं। जम्मू-कश्मीर में कटरा के पास स्थ‍ित वैष्णो देवी स्थान, आंध्र के तिरुमाला तिरुपति मंदिर के बाद देश का दूसरा सबसे धनी श्राइन बोर्ड है।

वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ सिमरदीप सिंह ने अखबार को बताया, ‘वैष्णो देवी स्थान को मिलने वाले दान में किसी तरह की गिरावट नहीं है। ये अब भी उत्साहजनक है, लेकिन कुछ भक्त अब भी पुराने नोट चढ़ा रहे हैं, जो चिंताजनक भी है, साथ ही भगवान के साथ भी एक तरह का धोखा है।

क्या होगा इन नोटों का

चूंकि रिजर्व बैंक अब ऐसे पुराने नोट लेना बंद कर चुका है, तो बोर्ड खुद ही इन्हें उपयुक्त तरीके से नष्ट करने की योजना बना रहा है। 2018 में बोर्ड को चढ़ावे के रूप में 164 करोड़ रुपये मिले, जो इसके पिछले साल के मुकाबले 10 करोड़ रुपये ज्यादा है।

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