World Aids Day 2018: जानें कैसे हुई एड्स दिवस की शुरुआत? ये होते हैं इसके लक्षण

Written by: December 1, 2018 11:50 am

World aids day 2018: वर्ल्ड एड्स डे हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। इसका खास मकसद दुनियाभर के लोगों को एड्स या एचआईवी के प्रति जागरुक करना होता है, ताकि लोग इस बीमारी से खुद का बचाव कर सकें। एड्स एक ऐसी गंभीर बीमारी है जिसका अभी तक कोई इलाज सामने नहीं आया है। एचआइवी-एड्स कभी छूने, साथ खाना खाने या फिर हाथ मिलाने से नहीं फैलता।

UNICEF की रिपोर्ट के मुताबिक 36।9 मिलियन लोग HIV के शिकार हो चुके हैं। भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आकड़ों के अनुसार भारत में एचआईवी (HIV) के रोगियों की संख्या लगभग 2.1 मिलियन है।

एड्स असुरक्षित यौन संबंध के अलावा संक्रमित सुई, खून और अजन्मे बच्चे को उसके मां से भी हो सकता है। एड्स से दुनिया भर में लगभग 36 मिलियन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। एड्स से पीडित व्‍यक्‍ति को शुरुआती स्‍टेज में इस बीमारी का पता नहीं चल पाता और उसे इलाज करवाने में देर हो जाती है। एचआईवी पॉजिटिव व्‍यक्‍ति के शरीर में 8 से 10 साल बाद एड्स के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसलिए व्‍यक्‍ति को HIV के शुरुआती लक्षणों का पता होना बेहद जरूरी है। आज विश्‍व एड्स दिवस के मौके पर चलिए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में…

ऐसे हुई विश्व एड्स दिवस की शुरुआत

विश्व एड्स दिवस (World Aids Day) सबसे पहले अगस्त 1987 में जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर नाम के व्यक्ति ने मनाया था। जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर विश्व स्वास्थ्य संगठन में एड्स पर ग्लोबल कार्यक्रम (WHO) के लिए अधिकारियों के रूप में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में नियुक्त थे। जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर ने WHO के ग्लोबल प्रोग्राम ऑन एड्स के डायरेक्टर जोनाथन मान के सामने विश्व एड्स दिवस मनाने का सुझाव रखा। जोनाथन को विश्व एड्स दिवस (World Aids Day) मनाने का विचार अच्छा लगा और उन्होंने 1 दिसंबर 1988 को विश्व एड्स डे मनाने के लिए चुना। बता दें कि आठ सरकारी सार्वजनिक स्वास्थ्य दिवसों में विश्व एड्स दिवस शामिल है।

इन वजहों से होता है एड्स

-अनसेफ सेक्स (बिना कनडोम के) करने से।
-संक्रमित खून चढ़ाने से।
-HIV पॉजिटिव महिला के बच्चे में।
-एक बार इस्तेमाल की जानी वाली सुई को दूसरी बार यूज करने से।
-इन्फेक्टेड ब्लेड यूज करने से

एचआईवी के लक्षण? (HIV/AIDS Symptoms)
एचआईवी/एड्स होने पर निम्‍न प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं।

-बुखार
-पसीना आना
-ठंड लगना
-थकान
-भूख कम लगना
-वजन घटा
-उल्टी आना
-गले में खराश रहना
-दस्त होना
-खांसी होना
-सांस लेने में समस्‍या
-शरीर पर चकत्ते होना
-स्किन प्रॉब्‍लम

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