लाइफस्टाइल

यह लंबे समय तक रहने वाली और जानलेवा बीमारी है, जिसमें धूल और छोटे कणों के अंदर जाने से फेफड़े प्रभावित होते हैं।

हृदय रोग की रोकथाम के लिए स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना, नियमित व्यायाम करना, तंबाकू के किसी भी उत्पाद का सेवन नहीं करना, 7 घंटे की नींद लेना, तनाव को नियंत्रित करना, फलों का अधिक सेवन करना, शराब का सीमित मात्रा में सेवन करना सबसे महत्वपूर्ण हैं।

आपको बता दें, अब इस प्रतियोगिता का फाइनल अक्टूबर 2019 को ग्रीस में है। वहां के लिए तैयारियों के बारें में बात करते हुए निधि ने बताया कि वहां पर 17 देशों की प्रतियोगी होगी। जिन से मेरा मुकाबला होगा।

इस स्टडी में 19 से 30 उम्र के ऐसे 92 जोड़े शामिल किए गए थे, जो कि एक महीने से लेकर नौ वर्षो तक एक साथ थे। इन जोड़ों ने एक सप्ताह में औसत दो से तीन बार संभोग किया। जितनी लंबा रिश्ता रहा, इन जोड़ों ने उतना ही कम संभोग किया।

पीपल के पत्तों का प्रयोग कब्ज या गैस की समस्या में दवा के तौर पर किया जाता है। इसे पित्‍त नाशक भी माना जाता है, इसलिए पेट की समस्याओं में इसका प्रयोग लाभप्रद होता है।

द लांसेट, ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन बताता है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में कीमोथेरेपी के योग्य रोगियों की संख्या में 2018 के 63 प्रतिशत से 2040 में 67 प्रतिशत तक की एक स्थिर वृद्धि देखी जाएगी।

भारतीय महिलाओं में आर्थराइटिस के जल्दी होने की वजह पोषक तत्वों की कमी और मोटापा है।

ल्यूपस के लक्षण समय के साथ अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्य लक्षणों में थकान, जोड़ों में दर्द व सूजन, सिरदर्द, गालों व नाक पर तितली के आकार के दाने, त्वचा पर चकत्ते, बालों का झड़ना, एनीमिया, रक्त के थक्के बनने की प्रवृत्ति में वृद्धि और खराब परिसंचरण प्रमुख हैं।

जर्मनी के कॉन्स्टैंज विश्वविद्यालय के प्रध्यापक फ्लोरियन कुन्ज और मैक्स रेनवल्ड ने कार्यस्थल पर उन कर्मचारियों के व्यवहार का पता लगाया जो कि अपनी टीम में अल्पसंख्यक हैं।