लाइफस्टाइल

रंगों के त्योहार होली का सबको काफी इंतजार है और हो भी क्यों ना? लोग इस त्योहार में सबकुछ भूलकर एक दूसरे की खूशी में शामिल हो जाते है और रंगो के इस उत्सव में पूरी तरह से खो जाते है।

ग भरे होली के त्योहार आने में अब कुछ ही दिन रह गए है और ऐसे में लोग इस त्योहार को मनाने के लिए काफी उत्साहित दिख रहे हैं। होली की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।

सुबह का बेहतरीन पेय होने के साथ ही कॉफी प्रोस्टेट कैंसर को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, जिससे दवा-प्रतिरोधी कैंसर के इलाज का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। जापान के कनाजावा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कहविओल एसिटेट व कैफेस्टोल तत्वों की पहचान की है, जो प्रोस्टेट कैंसर की वृद्धि को रोक सकते हैं।

होली का त्योहार हो और बात गुलाल के साथ भांग की न की जाए, तो मानो कुछ अधूरा सा रह गया है। अपने त्योहार का मजा दोगुना करने के लिए इस दिन कुछ लोग गुझिया के साथ ठंडई में भांग मिलाकर भी पीते हैं।

रंगों के त्योहार होली में पिचकारियां तो छूटेंगी, गुलाल तो उड़ेंगे, गुबारों के रंगों से सराबोर होने के लिए हम कब से तैयार बैठे हैं, लेकिन इसी दौरान रंग खेलने से ज्यादा रंग छुड़ाने, त्वचा एवं बालों को हुए नुकसान को लेकर चिंतित रहते हैं।

त्वचा की गड़बड़ी, रंग खराब होना, जलन, खुजली और खुश्की आदि शामिल हैं। होली के रंग में मौजूद कठोर रसायन खुजली और जलन का कारण बन सकते हैं और खुजली करने पर ये एक्जीमा का रूप ले सकते हैं और यह रंगों से होने वाली सबसे आम किस्म की प्रतिक्रिया है।

भारत-थाईलैंड राजनयिक संबंधों के 72 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रॉयल थाई एम्बेसी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय नमस्ते थाईलैंड महोत्सव की शुरुआत 15 मार्च से होगी और इसका समापन 17 मार्च को होगा।

एसआरएल डायग्नॉस्टिक्स ने एक सर्वे में पाया कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में भारत के पूर्वी राज्यों में रहने वाले लोगों में गुर्दे संबंधी जांचों के परिणाम ज्यादा असामान्य पाए गए हैं।

सोने के वक्त और खाने के वक्त में कुछ अंतराल रखें। कहने का मतलब है कि तुरंत खाना खाकर ही बिस्तर पर न कूद पड़ें। सोने से तुरंत पहले खाना खाने से ब्लड शुगर और इंसुलिन तो बढ़ेगा ही साथ ही बेचैनी भी रहेगी। इसकी वजह से वजन बढ़ सकता है