जानिए क्या है विजयादशमी का महत्व और क्यों मनाते हैं दशहरा

शारदीय नवरात्रों के 10वें दिन यानि विजयादशमी को दशहरा मनाया जाता है। भारत में इसका काफी महत्व है। दशहरा त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

Written by: October 8, 2019 2:36 pm

नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रों के 10वें दिन यानि विजयादशमी को दशहरा मनाया जाता है। भारत में इसका काफी महत्व है। दशहरा त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग अस्‍त्र शस्‍त्र की भी पूजा करते हैं और इसी के साथ दीवापली की तैयारी शुरू हो जाती है।

Dussehra

विजयादशमी

इसे मनाने के पीछे जो कारण है उसके मुताबिक कहा जाता है कि भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। वहीं, विजयादशमी पर देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को ‘विजयादशमी’ के नाम से जाना जाता है।

Dussehra

एक दूसरी कथा के अनुसार असुरों के राजा महिषासुर ने अपनी शक्ति के बल पर देवताओं को पराजित कर इन्द्रलोक सहित पृथ्वी पर अपना अधिकार कर लिया था। भगवान ब्रह्रा के दिए वरदान के कारण किसी भी कोई भी देवता उसका वध नहीं कर सकते थे। ऐसे में त्रिदेवों सहित सभी देवताओं ने अपनी शक्तियों से देवी दुर्गा की उत्पत्ति की। इसके बाद देवी ने महिषासुर के आंतक से सभी को मुक्त करवाया। मां की इस विजय को ही विजय दशमी के नाम से मनाया जाता है।

Shri Ram Statue

दशहरा

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब भगवान 14 वर्षों के वनवास में थे तो लंकापति रावण ने उनकी पत्नी माता सीता का अपहरण कर उन्हें लंका की अशोक वाटिका में बंदी बना कर रखा लिया था। श्रीराम ने अपने छोटे भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान और वानर सेना के साथ रावण की सेना से लंका में ही पूरे नौ दिनों तक युद्ध लड़ा। मान्यता है कि उस समय प्रभु राम ने देवी माँ की उपासना की थी और उनके आशीर्वाद से आश्विन मास की दशमी तिथि पर अहंकारी रावण का वध किया था।