मौसम हो गया है बेहद ठंडा, ऐसे में जरूर बरतें सावधानी

ठंड का मौसम सांस की बीमारी वाले मरीजों के लिए वैसे ही तकलीफदेह है। इसके साथ प्रदूषण और फॉग हो तो यह परेशानी और बढ़ जाती है।

Written by: December 16, 2019 3:05 pm

नई दिल्ली। ठंड का मौसम सांस की बीमारी वाले मरीजों के लिए वैसे ही तकलीफदेह है। इसके साथ प्रदूषण और फॉग हो तो यह परेशानी और बढ़ जाती है। यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए काफी कष्टकारक होता है। इसके अलावा सावधानी नहीं बरतने पर हार्ट, बीपी, अस्थमा और निमोनिया से पीड़ित व्यक्तियों के लिए यह जानलेवा भी बन जाता है। ठंड और प्रदूषण से सांस की बीमारी से पीड़ितों का नियंत्रण बिगड़ने लगता है। इस समय दवाओं का डोज भी बढ़ाना पड़ता है। इससे बचने के लिए कई तरह की सावधानी अपनानी चाहिए। फॉग के समय मॉर्निंग वॉक पर धूप निकलने के बाद ही जाएं, सांस के मरीज पूरे मौसम में गुनगुना पानी ही पीएं और गुनगुना पानी से ही नहाए। सर्दी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क से बचना चाहिए तथा खाना खाते समय हाथ को साबुन से जरूर धोना चाहिए।cold-weatherदिल्ली समेत देश के विभिन्न इलाकों में तापमान छह डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच जाने के कारण कंपकंपी और ठिठुरन से ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं। बढ़ती ठंड के मद्देनजर न्यूरो विशेषज्ञों ने लोगों से ठंड से बचकर रहने की सलाह दी है।
cold-weather

अत्यधिक ठंड में होने वाली मौतों का मुख्य कारण ब्रेन स्ट्रोक एवं हार्ट अटैक होता है। उनके अनुसार सर्दियों में शरीर का रक्तचाप बढ़ता है, जिसके कारण रक्त धमनियों में क्लॉटिंग होने से स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। ब्रेन स्ट्रोक का एक प्रमुख कारण रक्तचाप है। रक्तचाप अधिक होने पर मस्तिष्क की धमनी या तो फट सकती है या उसमें रुकावट पैदा हो सकती है।cold-weather

इसके अलावा इस मौसम में रक्त गाढ़ा हो जाता है और उसमें लसीलापन बढ़ जाता है, रक्त की पतली नलिकाएं संकरी हो जाती हैं, जिससे रक्त का दबाव बढ़ जाता है। अधिक ठंड पड़ने या ठंडे मौसम के अधिक समय तक रहने पर खासकर उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों में स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। इसके अलावा सर्दियों में लोग कम पानी पीते हैं जिसके कारण रक्त गाढ़ा हो जाता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।cold-weather

ऐसे में सर्दियों में अधिक मात्रा में पानी तथा तरल पदार्थ पीने की सलाह दी है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, स्ट्रोक से बचने के लिए लोगों को ठंढ से बचने के अलावा शराब और धूम्रपान का सेवन कम करना चाहिए।cold-weather

अत्यधिक ठंड का मौसम शुरू होते ही, बच्चों में सिर दर्द होने का खतरा 15-20 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। ऐसा विशेष रूप से उन बच्चों में अधिक होता है जो माइग्रेन से ग्रस्त होते हैं। छोटे बच्चे सिर दर्द या अन्य समस्याओं के बारे में ठीक से नहीं बता पाते हैं, बल्कि वे इसे अन्य तरीकों से प्रकट करते हैं। जैसे, वे चिड़चिड़े और जिद्दी हो जाते हैं और उन्हें सोने और खाने में समस्या हो सकती है।