4 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है नौसेना दिवस, जानें इसके इतिहास के बारे में

भारत की विजय का जश्न मनाने के लिए हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है। इस युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना ने कराची पर हमला किया था, उसी उल्लेखनीय सफलता की याद में नौसेना दिवस मनाया जाता है। इस जंग को ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के नाम से जाना जाता है।

Written by: December 4, 2019 5:49 pm

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना देश की सैन्य ताकत का बहुत अहम हिस्सा है। यह देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है। भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में भी भारतीय नौसेना का अहम योगदान है। भारतीय नौसेना की बहादुरी को सलाम करने के लिए हर साल देश में 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारतीय नौसेना की उपलब्धियों को याद किया जाता है।

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हर साल भारत में 4 दिसंबर को नौसना के वीरों को याद किया जाता है और नेवी डे मनाया जाता है।

आखिर क्यों मनाया जाता है नौसेना दिवस

बात साल 1971 की है, जब भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में हम विजयी रहे थे। भारत की विजय का जश्न मनाने के लिए हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है। इस युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना ने कराची पर हमला किया था, उसी उल्लेखनीय सफलता की याद में नौसेना दिवस मनाया जाता है। इस जंग को ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के नाम से जाना जाता है।

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यह अभियान पाकिस्‍तानी नौसेना के मुख्‍यालय को निशाने पर लेकर शुरू किया गया, जो कराची में था। हिंदुस्‍तान के इस हमले में 3 विद्युत क्‍लास मिसाइल बोट, 2 एंटी-सबमरीन और एक टैंकर शामिल था। कराची में रात को हमला बोलने की योजना थी, क्‍योंकि पाकिस्‍तान के पास ऐसे विमान नहीं थे, जो रात में बमबारी कर सकें। भारतीय नौसेना विश्व की पांचवी सबसे बड़ी नौसेना मानी जाती है।

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1971 की जंग की शुरुआत 3 दिसंबर से हुई थी, जब पाकिस्तान ने हमारे हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला किया था। पाकिस्तानी को जवाब देने के लिए नौसेना की ओर से यह ऑपरेशन चलाया गया। ये अभियान पाकिस्‍तानी नौसेना के मुख्‍यालय को निशाने पर लेकर शुरू किया गया, जो कराची में था। हिंदुस्‍तान की ओर से किए गए इस हमले में 3 विद्युत क्‍लास मिसाइल बोट, 2 एंटी-सबमरीन और एक टैंकर शामिल था। इस युद्ध में पहली बार जहाज पर मार करने वाली एंटी शिप मिसाइल से हमला किया गया था। भारत ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान पर हमला कर उनकी सैन्य शक्ति को तबाह करना शुरू कर दिया था।

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भारत की कराची में रात को हमला बोलने की योजना थी, क्‍योंकि पाकिस्‍तान के पास ऐसे विमान नहीं थे, जो रात में बमबारी कर सकें। इस जंग में भारत का कोई जवान शहीद नहीं हुआ था, जबकि पाकिस्‍तान के 5 नौसेनिक मारे गए थे, जबकि 700 से अधिक घायल हुए थे। इसी जीत का जश्‍न हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।