बिहार की इस लोकसभा सीट पर ‘भगवा बनाम बुर्का’ की दिलचस्प लड़ाई

बिहार की सीवान संसदीय सीट पर इस बार दो बाहुबलियों की पत्नियां मैदान में हैं। बता दें कि जेडीयू के टिकट पर दरौंधा की विधायक और बाहुबली अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह पूर्व सांसद और बाहुबली मो. शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को टक्कर दे रही हैं, जो राजद प्रत्याशी हैं।

Written by संतोष सिंह पाल May 10, 2019 5:17 pm

नई दिल्ली। बिहार की सीवान संसदीय सीट पर इस बार दो बाहुबलियों की पत्नियां मैदान में हैं। बता दें कि जेडीयू के टिकट पर दरौंधा की विधायक और बाहुबली अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह पूर्व सांसद और बाहुबली मो. शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को टक्कर दे रही हैं, जो राजद प्रत्याशी हैं। चूंकि सार्वजनिक जीवन में भी हीना शहाब अक्सर बुर्के में नजर आती हैं। तो वहीं जेडीयू प्रत्याशी के पति अजय सिंह सीवान में हिंदू युवा वाहिनी के प्रमुख हैं। इस वजह से भी ये चेुनाव कहीं ना कहीं भगवान बनाम बुर्का बन गया है।

जातिगत समीकरण की बात करें तो सीवान में यादव-राजपूत जातियों और मुस्लिम समुदाय का खासा प्रभाव है। हालांकि इस बार चुनाव परिणाम पर अति पिछड़ी जातियों का प्रभाव पड़ने की संभावना है। अजय सिंह अपनी पत्नी के समर्थन में चुनाव प्रचार के दौरान हिना के बुर्के, शहाबुद्दीन की आपराधिक छवि और पाकिस्तान की बातें भी करते रहे हैं।

बता दें कि कविता सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की छवि और उनके कामों पर वोट मांग रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर हिना शहाब सीवान की ‘बेटी-बहू’ होने के नाते वोट मांग रही हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में सीवान सीट एनडीए के खाते में गई थी लेकिन इस बार कविता सिंह की राह आसान नहीं दिख रही। इस सीट पर वर्तमान सांसद बीजेपी के ओमप्रकाश यादव है।

पहले दो चुनाव हार चुकी हैं हिना
आरजेडी की हिना शहाब पहले दो बार लोकसभा चुनाव में नाकाम रही हैं। उन्हें अपने पति शहाबुद्दीन की बाहुबली छवि की भरपाई करने में काफी चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है। विरोधी अपने चुनाव प्रचार में शहाबुद्दीन के दौर के सीवान का जिक्र करना नहीं भूल रहे हैं। राजनीति के अपराधीकरण और इस बारे में विरोधियों के आरोप के बारे में पूछे जाने पर हिना शहाब कहती हैं, ‘यह आरोप सीधे-सीधे हमारे परिवार पर लगता है। जब लालू यादव की सरकार बनी थी तब कहा जाता था कि बिहार में जंगलराज है। आज केंद्र और कई राज्यों में एनडीए की सरकार है, लेकिन आए दिन हत्याएं हो रही हैं, भ्रष्टाचार चरम पर है।’

शहाबुद्दीन चार बार सांसद रहे
शहाबुद्दीन 1996 से लगातार चार बार सांसद बने। सीवान में नक्सलवाद के बढ़ते प्रभाव के डर से हर वर्ग और जाति के लोगों ने शहाबुद्दीन को समर्थन दिया था। सीवान के चर्चित तेजाब कांड के मामले में शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा होने और जेल जाने के बाद यहां ओमप्रकाश यादव की राजनीति का उदय हुआ। 2009 में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ओमप्रकाश यादव चुनाव जीते।